|
इसराइल ने लेबनान के गांव पर कब्ज़ा किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के सुरक्षा बलों का कहना है कि लेबनान की सीमा से सटे गांव मारौन अल रास पर उसका कब्ज़ा हो गया है. कहा जाता है कि इसी स्थान से हिज़बुल्ला इसराइल के शहरों पर रॉकेट दागा करता था. इस क्षेत्र से अभी भी गोलीबारी की आवाज़ सुनी जा सकती है और हिज़बुल्ला का कहना है कि यहां "ऐतिहासिक संघर्ष " जारी है. इसराइल ने लगातार लेबनान की सीमा पर अपने सैनिकों का जमावड़ा शुरु कर दिया है लेकिन उसका कहना है कि ज़मीनी लड़ाई अभी सीमित रहेगी. दोनों पक्षों के बीच लड़ाई के बारहवें दिन हज़ारों लोग दक्षिणी लेबनान से भागने लगे हैं. इसराइली सेना ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में कुछ पर्चे गिराए थे, जिसमें लोगों को वहाँ से निकल जाने की बात कही गई थी. लेबनान के दक्षिणी बंदरगाह शहर टायर से भी लोगों का पलायन शुरू हो गया है. शरण की आस में लेबनान के कई हिस्सों से लोग यहाँ पहुँचे थे. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के राहत संयोजक यैन एगलैन लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश के तहत बेरूत पहुँच रहे हैं. एगलैन ने कहा है कि इसराइल उत्तरी लेबनान से बेरूत तक के मार्ग को मानवीय सहायता के लिए खोले. उन्होंने बेरूत हवाई अड्डे और कुछ बंदरगाह को भी खोलने की बात कही. नए सिरे से हमले इसराइली सेना ने कहा है कि उसके सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान में एक गाँव मरौन अल रास से हिज़बुल्ला छापामारों को खदेड़ दिया है. समझा जाता है कि इसी स्थान पर हिज़्बुल्ला के लड़ाके इसराइली शहरों में रॉकेट दागते थे. इस गाँव के आसपास भीषण लड़ाई हुई है जिसमें इस हफ्ते इसराइल के छह सैनिक मारे गए थे. शनिवार को दिन में इसराइली टैंक लेबनान के इलाक़े में घुस गए लेकिन इसराइली सेना ने कहा है कि पूरे पैमाने पर हमले की योजना नहीं है और ज़मीनी कार्रवाई सीमित रहेगी. इसराइली विमानों ने लेबनान में टेलीविज़न केंद्र और मोबाइल टेलीफ़ोन के केंद्रों को भी निशाना बनाया है. इन हमलों मे एक व्यक्ति की मौत हुई है. हिज़्बुल्ला ने भी उत्तरी इसराइल पर रॉकेट हमला किया है. इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं. चिंता उन्होंने लेबनान में खाद्य सामग्री की आपूर्ति में रुकावट पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इसराइली कार्रवाई में स्वास्थ्य सेवाओं, स्कूलों, सड़कों, पूल नष्ट हो गए हैं. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लोगों को वहाँ से निकालने का काम आसान नहीं होगा क्योंकि यह काम इस पर निर्भर करता है कि इसराइल लोगों को सुरक्षित निकालने का भरोसा देता है या नहीं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ राहत अधिकारी यैन एगलैन के सामने चुनौती भरा काम है. इसराइली विमानो की ओर से की गई 11 दिन तक की गई बमबारी के बाद सिर्फ़ तबाही नज़र आती है. लेबनान में कई दिनो से हो रहे हमलों से घरों, चिकित्सा सुविधाएँ, स्कूल, सड़कें, तेल भंड़ारों ज़बरदस्त क्षति पहुँची है. यैन एगलैन का मानना है कि इसराइल को बेरूत हवाई हड्डे और कुछ बंदरगाहो को खोलने की अनुमति देनी चाहिए साथ ही उत्तरी लेबनान के रास्ते बेरूत तक राहत सामग्री अगर पहुँचती है तो इसराइल को आपत्ति नही होनी चाहिए. कूटनीतिक प्रयास दूसरी ओर इस विवाद को सुलझाने के प्रयास तेज़ हो गए हैं. जर्मन विदेश मंत्री फ्रेंक वॉल्टर स्टीनमायर भी मध्य पूर्व के दौरे पर जा रहे हैं.
स्टीनमायर वही नेता हैं जिन्होंने वर्ष 2004 में इसराइल और हिज़्बुल्ला के बीच क़ैदियों की अदला-बदली में मदद की थी. स्टीनमायर इसराइल जाने से पहले मिस्र की राजधानी काहिरा में भी रुकेंगे. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने घोषणा की है कि लेबनान में हिंसा को ख़त्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की शुरुआत करने वह रविवार को मध्यपूर्व जा रही हैं. वह इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट और फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मिलेंगी और फिर लेबनान पर आयोजित इटली के एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगी. अमरीकी विदेश मंत्री की यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब युद्धविराम की अपीलों का समर्थन न करने के लिए अमरीका की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है. राइस का दौरा मध्य पूर्व जाने की घोषणा करते हुए अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि सिर्फ़ युद्धविराम की अपील पर्याप्त नहीं है बल्कि हिंसा के कारण को ही जड़ से ख़त्म करना होगा. उन्होंने कहा, "मेरी राय में हिंसा की जड़ हिज़्बुल्ला की दक्षिणी लेबनान में उपस्थिति और इसराइल पर हमला करने की उसकी क्षमता है." उन्होंने दो इसराइली सैनिकों के अपहरण की हिज़्बुल्ला की कार्रवाई को उकसाने वाली बताया है. डॉ कोंडालीज़ा राइस ने आत्मरक्षा के इसराइल के अधिकारों की वकालत की है लेकिन कहा है कि इसराइल को नागरिक ठिकानों पर हमला करने से बचना चाहिए. उनका कहना था कि युद्धविराम में हिंसा के पूर्व की स्थिति बहाल करने से काम नहीं चलेगा जिसमें हिज़्बुल्ला इसराइल पर राकेट दाग़ता रहे. |
इससे जुड़ी ख़बरें इसराइल को अमरीकी बमों की खेप22 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली हमले जारी, सीमा पर जमावड़ा22 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना भारी बमबारी, इसराइल की चेतावनी21 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अन्नान ने कहा, तुरंत युद्ध विराम हो20 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना सिन्यूरा की अपील के बावजूद हमले जारी19 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइली शहर हाइफ़ा पर रॉकेट हमले13 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना लेबनान से लाखों लोगों का पलायन18 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इसराइल के हमले जारी, संयुक्त राष्ट्र चिंतित18 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||