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लेबनान दौरे के बाद राइस इसराइल में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की विदेश मंत्री कॉंडोलीज़ा राइस लेबनान यात्रा के बाद इसराइल पहुँच गई हैं जहाँ येरूशलम में वे इसराइली विदेश मंत्री के साथ देर रात तक बातचीत में जुटी हैं. बिना किसी पूर्व घोषणा के हुए इस मध्य पूर्व दौरे में अमरीकी मंत्री इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट और फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मुलाक़ात करेंगी. इससे पहले कॉंडोलीज़ा राइस लेबनान पहुँचीं और लेबनान के प्रधानमंत्री फ़ुआद सिन्यूरा से मुलाक़ात की. कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि वे लेबनान के लोगों की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित है. अमरीकी विदेश मंत्री पहले साइप्रस गईं थी और फिर हेलिकॉप्टर से बेरूत पहुँचीं. राइस के साथ यात्रा कर रहे एक अमरीकी अधिकारी ने बताया कि उनकी बेरूत यात्रा का मक़सद लेबनानी सरकार के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करना था. मध्यपूर्व आते समय विमान में पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा था कि लेबनान में युद्धविराम की तत्काल आवश्यकता है. स्थायी युद्धविराम
लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि युद्धविराम स्थायी होना चाहिए. राइस ने कहा कि अगर हिज़्बुल्ला इसराइल पर हमला करना जारी रखता है, तो इससे कुछ हासिल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्ला जैसे 'आतंकवादी गुटों' के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए जो लेबनान से इसराइल पर हमला करते हैं. इसराइल-लेबनान संघर्ष के समाधान के लिए मध्यपूर्व के दौरे पर आईं कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि हिज़्बुल्ला को इस बात के लिए अनुमति नहीं मिलनी चाहिए कि वह लेबनान और पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंके. उन्होंने कहा, "यह काफ़ी महत्वपूर्ण है कि ऐसा माहौल तैयार किया जाए जिससे युद्धविराम संभव हो सके. ऐसी स्थितियाँ भी बनाई जानी चाहिए जिससे न सिर्फ़ युद्धविराम लागू हो बल्कि क़ायम भी रहे." हमले जारी इस बीच सोमवार को भी इसराइली सेना और हिज़्बुल्ला के लड़ाकों के बीच दक्षिणी लेबनान में भीषण लड़ाई हुई. हिज़्बुल्ला ने इसराइल में कई रॉकेट दागे और इसराइल ने भी लेबनान पर हवाई हमले किए. इसराइली सेना का कहना है कि उन्होंने मारून अल रास के बाद बिंट जबेल के आसपास के इलाक़ों पर क़ब्ज़ा कर लिया है. लेकिन बिंट जबेल पर उनका नियंत्रण नहीं हो पाया है. ख़बर है कि इसराइल के कम से कम 10 सैनिक घायल हुए हैं. एक इसराइली हेलिकॉप्टर के भी सीमा के निकट गिरने की ख़बर है. लेकिन कारणों का पता नहीं चल पाया है. इसराइल के हमले में अभी तक कम से कम 362 लेबनानी मारे जा चुके हैं, जिनमें से ज़्यादातर आम नागरिक हैं. हमले में कम से कम 37 इसराइली भी मारे गए हैं. इनमें से आधे आम नागरिक हैं. मदद
बेरूत स्थित बीबीसी संवाददाता किम घटास का कहना है कि लेबनान अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया से निराश है क्योंकि किसी ने बिना शर्त युद्धविराम की बात नहीं की है. इस बीच लेबनान के एक कैबिनेट मंत्री मरवन हमादेह ने कहा है कि देश में शांति के लिए वे अंतरराष्ट्रीय सेना का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा कि नई सेना उस संयुक्त राष्ट्र सेना का हिस्सा होना चाहिए, जो क़रीब 30 साल से दक्षिण लेबनान में मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि इससे लेबनानी सेना को देशभर में अपना नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी. इसराइली सेना वर्ष 2000 में दक्षिणी लेबनान से हट गई थी. लेकिन अपने सैनिकों को अगवा किए जाने के बाद उसने कहा है कि वह हिज़्बुल्ला को तबाह कर देगा. लेकिन हिज़्बुल्ला के नेता शेख़ हसन नसरल्ला ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान पर इसराइली आक्रमण सफल नहीं होगा. उधर संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि लेबनान में विस्थापित हुए लोगों की मदद के लिए 15 करोड़ डॉलर की ज़रूरत है. अमरीका में व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा है कि लेबनान के लोगों के लिए सहायता सामग्री पहुँचाने के लिए हेलीकॉप्टर मंगलवार को पहुँचने शुरू हो जाएँगे. |
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