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शांतिरक्षकों की नियुक्ति पर सहमत इसराइल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल की सरकार ने संकेत दिए हैं कि वो दक्षिणी लेबनान में विदेशी शांतिरक्षक बलों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मान सकता है. जर्मनी के विदेश मंत्री से मुलाक़ात के बाद इसराइल के रक्षा मंत्री आमिर पेरेत्ज़ ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान की सीमा से हिज़बुल्ला लड़ाकों को खदेड़ने के बाद वहां यथास्थिति बरक़रार रखने में नाटो के नेतृत्व में शांतिरक्षकों की भूमिका हो सकती है. यह प्रस्ताव इसराइल के समक्ष पहले भी रखा गया था जिसे प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने ख़ारिज़ कर दिया था. अब रिपोर्टें हैं कि ओल्मर्ट ने कहा है कि इस तरह के किसी भी शांतिरक्षक बल में सैनिक यूरोपीय संघ के देशों के ही हों हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में अभी अंतिम फ़ैसला नहीं लिया गया है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत जॉन बोल्टन ने एक अमरीकी टेलीविज़न चैनल से कहा था कि अमरीका बहुराष्ट्रीय बलों की नियुक्ति की संभावनाओं की तलाश कर रहा है. बोल्टन ने दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक बलों की नियुक्ति संबंधी सवाल को ख़ारिज़ कर दिया. उधर हिज़बुल्ला लड़ाकों और इसराइल के बीच जारी संघर्ष को रोकने की कोशिशों के तहत सऊदी अरब के विदेश मंत्री साउद अल फ़ैसल ने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाक़ात की है और संघर्ष रोकने के लिए समर्थन मांगा है. उल्लेखनीय है कि अमरीका ने अभी तक दोनों पक्षों के बीच शांति संबंधी कोई अपील नहीं की है बल्कि इसराइल को विशेष प्रकार के बमों की आपूर्ति भी की है. अमरीका ने यहां तक कहा है कि इसराइल को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है. इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस मध्य पूर्व के लिए रवाना हो गई हैं जहां वो इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट और फलस्तीनी नेता महमूद अब्बास से मुलाक़ात करेंगी. इसके बाद वो रोम में अरब और यूरोपीय नेताओं के एक सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगी. उधर इसराइल पहुंच फ्रांस के विदेश मंत्री फिलिप डोस्ट ब्लेज़ी ने भी इसराइल और हिज़बुल्ला से संघर्ष रोकने की अपील की है. संघर्ष जारी
हालांकि इन कूटनीतिक कोशिशों के बीच दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैनिकों और हिज़बुल्ला लड़ाकों के बीच संघर्ष तेज़ रहा है जबकि संयुक्त राष्ट्र के राहत संयोजक यैन एलगैन ने लेबनान पर इसराइली बमबारी को भयानक और मानवीय क़ानूनों का उल्लंघन बताया है. रविवार को दिन भर हिज़बुल्ला छापामारों ने इसराइली शहरों पर रॉकेट दागे जबकि इसराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हवाई हमले किए हैं. हवाई हमलों के कारण सीमावर्ती टायर शहर से लोगों को पलायन करने में दिक्कतें आ रही हैं. ख़बरें हैं कि सिदान, दक्षिणी बेरुत और बेका घाटी में भी इसराइली सेना ने हमले किए हैं. उधर हिज़बुल्ला के रॉकेटों ने एक बार फिर हाइफा में तबाही मचाई जिसमें दो इसराइली मारे गए हैं. संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र के राहत संयोजक यैन एलगैन ने लेबनान पर इसराइली बमबारी को भयानक और मानवीय क़ानूनों का उल्लंघन बताया है. लेबनान के दक्षिणी बेरूत ज़िले के दौरा करने के बाद एगलैन ने कहा कि इसराइली बमबारी के कारण बड़ी संख्या में घर तबाह हो गए हैं. उन्होंने इसराइल से अपील की कि वह आपात राहत कार्यों के लिए अनुमति दे ताकि प्रभावित इलाक़ों तक राहत सामग्री पहुँचाई जा सके. इसराइल ने कहा है कि वह राहत सामग्री लेकर जाने वाले जहाज़ों को बेरूत जाने देगा. लेकिन एगलैन का कहना है कि जितने बड़े पैमाने पर नुक़सान हुआ है और सड़क और पुल तबाह हो गए हैं, उससे संयुक्त राष्ट्र के लिए राहत सामग्री पहुँचाना भी मुश्किल होगा. |
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