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बुधवार, 28 जून, 2006 को 17:08 GMT तक के समाचार
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समारा दरगाह विस्फोट में गिरफ़्तारी
इराक़ के समारा में शिया दरगाह
अल अक्सरी दरगाह परिसर में विस्फोट के बाद शिया-सुन्नी हिंसा भड़क उठी थी
इराक़ी अधिकारियों ने कहा है कि समारा में शिया दरगाह पर फ़रवरी में हुए हमलों के सिलसिले में अल क़ायदा के एक महत्वपूर्ण व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.

इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुवफ़्फ़क़ अल रूबाई ने कहा है कि ट्यूनीशियाई मूल के इस व्यक्ति की पहचान अबू क़दामा के रूप में की गई है.

उन्होंने बताया कि समारा में फ़रवरी 2006 में अल अक्सरी दरगाह और मस्जिद परिसर में हुए बम धमाकों में जिन सात लोगों की तलाश थी, अबू क़दामा उन्हीं में से एक हैं.

अल अक्सरी दरगाह में हुए बम विस्फोट के बाद से ही इराक़ में शिया-सुन्नी दंगे भड़क उठे थे. उस विस्फोट में अनेक लोग हताहत हुए थे.

रूबाई ने कहा कि अबू क़दामा को कुछ दिन पहले गिरफ़्तार किया गया था और उन्होंने अपना जुर्म क़बूल कर लिया है.

बग़दाद में बुधवार को एक पत्रकार सम्मेलन में रूबाई ने कहा कि उस हमले की साज़िश एक इराक़ी हातिम अल बदरी ने रची थी जो अभी तक फ़रार है.

रूबाई ने बताया कि जिन सात लोगों की तलाश है वे सभी अल क़ायदा के सदस्य हैं और उनमें एक इराक़ी, चार सऊदी नागरिक शामिल हैं.

रूबाई के अनुसार बग़दाद के उत्तरी हिस्से में कुछ दिन पहले सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में अबू क़दामा घायल हो गए थे. उस मुठभेड़ में 15 विदेशी चरमपंथी मारे गए थे.

ग़ौरतलब है कि अल अक्सरी दरगाह शियाओं के लिए बहुत पवित्र है और वहाँ दुनिया भर से शिया मुसलमान आते हैं.

उस हमले के बाद से सुन्नियों की भी कई दरगाहों पर हमले हुए थे और शिया-सु्न्नी हिंसा भड़क उठी थी जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.

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