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अमरीकी सैनिकों पर हत्या के आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की मरीन सैनिक शाखा ने सात मरीन सैनिकों पर एक इराक़ी नागरिक की निर्मम हत्या के आरोप तय किए हैं. कैलिफोर्निया के एक कैंप में मरीन सेना के प्रवक्ता ने संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि इन सात मरीन सैनिकों और एक नाविक पर अप्रैल महीने में हमनदिया में एक इराक़ी नागरिक को गोली मारने का आरोप तय किया गया है. ये सभी आठों अभियुक्त इस समय कैलिफोर्निया की एक कैंप में हैं. इन पर अपहरण और षडयंत्र करने के आरोप भी लगाए गए हैं. अमरीकी सेना में इन दिनों इराक़ में गठबंधन सेनाओं द्वारा इराक़ी लोगों की हत्या करने और उन्हें प्रताड़ित करने के कई मामलों की जांच चल रही है. पेंटागन एक और मामले की भी जांच कर रहा है जिसमें हदीथा शहर में कथित रुप से 24 इराक़ी लोगों को गोली मार दी गई थी. हमनदिया मामले में इराक़ी लोगों ने मरीन सेना के उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी जिसके बाद ये जांच की जा रही है. जांच शुरु होने के बाद से अभियुक्तों को कैलिफोर्निया लाया गया है. इस घटना के बारे में कहा जाता है कि सैनिकों ने 52 वर्षीय मृतक को उसके घर से निकाला और उसे गोली मार दी. इसके बाद उसकी लाश के पास एक फावड़ा रख दिया जिससे लगे कि वो सड़क किनारे बम रखने की कोशिश कर रहा था. सेना के प्रवक्ता का कहना है कि फिलहाल इन सभी को बेकसूर माना जा रहा है लेकिन आगे की जांच के बाद ही तय होगा कि इनका कितना कसूर है और इन्हें क्या सज़ा दी जाएगी. प्रवक्ता स्टीवर्ट नवारे ने संवाददाताओं से कहा " मरीन कार्प्स अपने सैनिकों पर लगने वाले आरोपों को गंभीरता से लेती है और इन मामलों की पूरी जांच कराने के लिए प्रतिबद्ध भी है." उनका कहना था कि मरीन कॉर्प्स अपने सदस्यों की कार्रवाई की जवाबदेही तय करने में गर्व महसूस करता है. संवाददाताओं का कहना है हमनदिया और हदीथा की घटनाओं के कारण मरीन कार्प्स की काफी बदनामी हो रही है और चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं कि मरीन कॉर्प्स का रवैया इराक़ी जनता के साथ कैसा है. इस बीच तिकरित के पास नौ मई को तीन इराक़ी क़ैदियों को गोली मारे जाने के मामले में अमरीकी सेना ने एक और सैनिक के ख़िलाफ़ हत्या के आरोप भी तय किए हैं. इसी मामले में तीन अन्य सैनिकों पर पहले ही हत्या के आरोप तय किए जा चुके हैं. सैनिकों द्वारा इराक़ी लोगों के साथ दुर्व्यवहार के कई मामलों के बाद जून महीने में सेना ने घोषणा की है कि इराक़ में नियुक्ति से पहले सैनिकों को 30 दिनों की विशेष नैतिक ट्रेनिंग दी जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हदीसा की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी'31 मई, 2006 | पहला पन्ना 'इस्हाक़ी नरसंहार की भी जाँच होगी'02 जून, 2006 | पहला पन्ना इस्हाक़ी रिपोर्ट सरकार ने ख़ारिज की03 जून, 2006 | पहला पन्ना इस्हाक़ी: अमरीकी सैनिक आरोपमुक्त03 जून, 2006 | पहला पन्ना एक और वीडियो की जाँच14 जून, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी सैनिकों पर हत्या का आरोप 19 जून, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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