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मलबे में फसे लोगों को बचाने की कोशिश जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंडोनेशिया के जावा द्वीप में शनिवार को आए ज़बरदस्त भूकंप के बाद अब राहत कार्य ज़ोरों पर है. मलबे से जीवित लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है. माना जा रहा है कि अभी भी मलबे के नीचे कई लोग फसे हो सकते हैं.योगजकार्ता शहर में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गई थी. भूकंप में तीन हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं. इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति ने बताया है कि करीब दस हज़ार से लेकर 20 हज़ार तक लोग घायल हैं. घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तर कम पड़ रहे हैं. भूकंप में जीवित बचे लोग मृतकों के लिए सामूहिक कब्र बनाने में लगे हुए हैं. जहाँ यह भूकंप आया है उस इलाक़े की आबादी बहुत अधिक थी. इंडोनेशिया रेड क्रॉस के अनुमान के अनुसार भूकंप के बाद दो लाख से अधिक लोग अपने घरों को छोड़कर बाहर आ गए हैं. भूकंप के बाद हल्के झटके आते रहे जिसके कारण कई लोगों ने अपनी रात घरों के बाहर बिताई. सबसे अधिक प्रभावित इलाक़ा योगजकार्ता शहर का बंतूल है जहां एक अधिकारी के अनुसार दो हज़ार लोग मारे गए हैं. योगजकार्ता इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से करीब 440 किलोमीटर दूर है. सहायता की अपील
रेड क्रॉस ने विश्व भर के नेताओं से एक करोड़ डॉलर की सहायता राशि देने की अपील की है. यूनीसेफ़ ने कहा है कि वो इन इलाक़ों में दो हज़ार तंबू और नौ हज़ार प्लास्टिक की चादरें भेज रहा है. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बामबांग ने प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया है और राहतकर्मियों से चौबीसों घंटे राहत कार्य चलाने को कहा है. राष्ट्रपति ने सेना को घायलों को अस्पताल पहुँचाने का भी आदेश दिया है. इंडोनेशिया की रेड क्रॉस ने बताया है कि उन्होंने इन इलाक़ों में अपनी टीमें भेजी हैं और उनके 21 अस्पताल पूरी क्षमता के साथ काम करने में लगे हुए हैं. अधिकारियों ने कहा है कि भूकंप से प्रभावित इलाक़े समुद्र तट के पास हैं लेकिन सूनामी आने का कोई संकेत नहीं है. योगजकार्ता माउंट मेरापी ज्वालामुखी के करीब है. भूकंप के चलते ज्वालामुखी की हलचल पर असर पड़ेगा या नहीं इसे लेकर विशेषज्ञों की राय अलग अलग है. हालांकि ज्वालामुखी में हलचल बढ़ने की ख़बरे आई हैं. हवाई अड्डा बंद योगजकार्ता हवाईअड्डा बंद कर दिया गया है. भूकंप के चलते हवाईअड्डे को नुकसान पहुँचा है. एपी के मुताबिक इंडोनेशिया के परिवहन मंत्री ने कहा है कि ये कम से कम रविवार तक बंद रहेगा. कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप होने के चलते राहत कार्यों में बाधा आ रही है.
योगजकार्ता इंडोनेशिया की पुरानी शाही राजधानी है और यहाँ के सबसे बड़े शहरों में से एक है. नौवीं शताब्दी के दो बड़े धार्मिक स्मारक यहाँ हैं- बोरबुदुर का बौद्ध मंदिर और हिंदुओं का प्रामबानन मंदिर. भूकंप के चलते प्रामबानन मंदिर को थोड़ा नुकसान हुआ है. लेकिन बोरबुदुर मंदिर को क्षति पहुँची है या नहीं इसे लेकर अलग अलग ख़बरे आ रही हैं. इंडोनेशिया भूकंप के प्रति संवेदनशील क्षेत्र में आता है और इस महीने की शुरुआत में इंडोनेशिया सरकार ने जावा प्रांत में माउंट मेरापी ज्वालामुखी के फटने को लेकर चेतावनी जारी की थी और लोगों से इस क्षेत्र से हट जाने को कहा था. ग़ौरतलब है कि दिसंबर, 2004 में इंडोनेशिया के तट पर आए भूकंप में लगभग चार हज़ारों लोगों की जानें गईं थीं. रिक्टर स्केल पर उस भूकंप की तीव्रता 8.9 मापी गई थी और उसका केंद्र था इंडोनेशिया का सुमात्रा द्वीप. भूकंप के बाद उठी समुद्री लहरों के कारण वहाँ के कुछ तटीय इलाकों में भयंकर बाढ़ आई थी और इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं थीं. इस भूंकप से उठी सूनामी लहरों ने भारत, श्रीलंका और थाईलैंड में भारी तबाही मचा दी थी. |
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