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समुद्री उफान: मृतकों की संख्या 23 हज़ार से ज़्यादा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हिंद महासागर में आए भूकंप के बाद उठे समुद्री उफान से अनेक देशों में मारे गए लोगों की संख्या 23 हज़ार से ज़्यादा हो गई है. हज़ारों किलोमीटर का इलाक़ा प्रभावित हुआ है. जिन देशों में तबाही हुई है उनमें भारत, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मालदीव, थाईलैंड और मलेशिया शामिल हैं. अनुमान लगाया गया है कि श्रीलंका में लगभग ग्यारह हज़ार लोगों की मौत हुई है जबकि भारत में मरने वालों की संख्या छह हज़ार तक जा पहुँची है. श्रीलंका के अधिकारियों ने इन आँकड़ो की पुष्टि की है. इंडोनेशिया में लगभग 4400 लोग मारे गए हैं. इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के पास समुद्र में भूकंप आया लेकिन नुकसान किया समुद्री लहरों ने जिनका असर हज़ारों किलोमीटर दूर भारत और मालदीव के तट तक देखा गया. दस-दस मीटर ऊँची समुद्री लहरें घरों और इमारतों को बहाकर ले गईं या फिर तटीय इलाक़ो में इनके दाख़िल होने से वहाँ बाढ़ आ गई. मछली पकड़ने वाले हज़ारों लोग भी इसकी चपेट में आ गए. बहुत से पर्यटक भी इसका शिकार हो गए. लोगों को कोई चेतावनी नहीं दी जा सकी. लाखों अन्य लोग बेघर हो गए हैं और उनका सब कुछ इस तूफ़ान में नष्ट हो गया है. बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए हैं लेकिन इस प्राकृतिक आपदा के क़हर से उबरना आसान नहीं प्रतीत होता. श्रीलंका की अपील इस भूकंप का केंद्र इंडोनेशिया का सुमात्रा द्वीप था और रिक्टर स्केल पर इसकी इसकी तीव्रता नौ मापी गई. पिछले क़रीब चालीस साल में यह सबसे भयंकर भूकंप था.
रेडक्रॉस ने इस तबाही पर पार पाने के लिए साठ लाख डॉलर धन की माँग की है. श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने सभी देशों से अपील की है कि इस आपदा से निपटने के लिए यथा संभव चिकित्सा सहायता मुहैया कराएँ. उन्होंने कहा कि उनके देश के पूरे इतिहास में ऐसा प्राकृतिक हादसा कभी नहीं हुआ है. वहाँ लगभग आठ लाख लोग बेघर हो गए हैं. इंडोनेशिया, थाईलैंड में तबाही भारत के दक्षिणी हिस्सों और एंडेमान-निकोबार द्वीप समूह में इस तूफ़ान से लगभग छह हज़ार लोग मारे गए हैं. सैकड़ों लोग लापता हैं. इंडोनेशिया में अधिकारियों ने कहा है कि सुमात्रा द्वीप में चार हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. थाईलैंड में लगभग 800 लोग मारे गए हैं. मालदीव को तो द्वीपों का देश है, इसलिए इस तूफ़ान में बहुत से द्वीप बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए. राजधानी माले में बड़े इलाक़े में पानी भर गया और कुछ द्वीप तो पूरी तरह डूब गए. अधिकारियों का कहना है कि तीस से ज़्यादा लोग मारे गए और पचास से ज़्यादा लापता हैं. नक्शे में देखिए भूकंप और उसके बाद का प्रभाव
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