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फिलीपींस में तूफान से तबाही | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फिलीपींस के उत्तर पूर्वी तट पर आए ननमाडोल तूफान से भारी तबाही मची है. तूफान के आने की आशंका पहले से थी जिसे देखते हुए क़रीब 10000 लोगों ने पहले ही देश के ऊपरी इलाक़ों में शरण ले ली थी. लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों लोग तूफ़ान में फंस गए हैं. तेज हवाओं और भारी वर्षा के कारण राहत सहायता में दिक्कतें आ रही हैं. देश में सोमवार को भी तूफ़ान आया था जिसमें सैनिक अधिकारियों के अनुसार लगभग एक हज़ार लोग या तो मारे गए हैं या लापता हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ननमाडोल तूफ़ान पिछले दो हफ़्तों में देश में आए चार तूफ़ानों में से सबसे अधिक विनाशकारी होगा और उनकी आशंका सही साबित हुई है. तेज हवाएं ननमाडोल तूफ़ान में 220 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. पूरे लुजोन प्रांत में स्कूलों और सरकारी इमारतों को बंद कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की गई है. तूफान के कारण कई लोग बेघरबार हो गए हैं और अभी भी खराब मौसम के कारण राहत कार्य बाधित हो रहा है.आरोप लगाया जा रहा है कि पेड़ों की अवैध कटाई के कारण ही स्थिति और ज़्यादा ख़तरनाक हो गई. फ़िलीपींस के राष्ट्रपति ग्लोरिया अरोयो ने इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं मगर इस काम में समय लगेगा. |
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