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हेती में अब महामारी का ख़तरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैरीबियाई देश हेती में सरकार इसी सप्ताह आए जीन नामक तूफ़ान और बाढ़ के बाद महामारी के ख़तरे को देखते हुए गोनाइव नामक इलाक़े को ख़ाली कराने की योजना बना रही है. इस तूफ़ान और बाढ़ में मृतकों की संख्या 1500 से ऊपर चली गई है. स्थानीय और संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि इस तूफ़ान के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद अभी भी 1200 लोग लापता हैं. अब राहत और बचाव कर्मियों का कहना है कि बाढ़ की वजह से गंदे पानी की निकासी व्यवस्था बुरी तरह तहस-नहस हो गई है जिससे बीमारी फैलना का ख़तरा मँडरा रहा है. हेती के अंतरिम प्रधानमंत्री गेरार्ड लातोर्त्यू ने बीबीसी को बताया कि शवों को हटाने और गंदगी साफ़ करने के काम के लिए लोगों को बाहर भेजना ज़रूरी हो सकता है अन्यथा लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. इस बीच गोनाइव में राहत सामग्री सही तरह से बाँटने में सहायता के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के और सैनिक भेजे गए हैं. राहतकर्मियों को भय है कि बाढ़ उतरने के बाद बहुत से शव बरामद किए जा सकते हैं. तूफ़ान से सबसे ज़्यादा प्रभावित गोनाइव नामक शहर हुआ है. हेती में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि वहाँ भारी तबाही देखी जा सकती है. सड़कों और गलियों में मलबों और कीचड़ का ढेर लगा हुआ है और स्थानीय लोग कभी-कभी कमर तक कीचड़ के बीच से अपने ज़रूरी सामान लेकर जा रहे हैं. कई जगह लोगों ने मकानों की छतों पर शरण ली हुई है और उनके आस-पास पानी में शव तैर रहे हैं. |
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