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जमैका में तूफ़ान ने मचाई भारी तबाही | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैरेबियाई देश जमैका में आइवन नाम के समुद्री तूफ़ान ने भारी नुक़सान पहुँचाया है, जमैका की सरकार नुक़सान का आकलन करने में जुटी है. जमैका के प्रधानमंत्री पीजे पैटर्सन ने बताया है कि कम से कम 11 लोग इस तूफ़ान की वजह से मारे गए हैं, उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों से संपर्क टूटा हुआ है इसलिए मरने वालों की संख्या कहीं अधिक हो सकती है जिसका पता चलने में अभी समय लग सकता है. जमैका के लोगों का कहना है कि इससे भयंकर तूफ़ान देश के इतिहास में पहले कभी नहीं आया, तूफ़ान ने हज़ारों लोगों को बेघर कर दिया है, संचार सुविधाएँ ध्वस्त हो गई हैं, सड़क टूट गए हैं और हज़ारों पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार की रात भी जमैका में तूफ़ान की मार जारी रहने की आशंका है. सबसे ख़तरनाक श्रेणी में रखे गए इस समुद्री तूफ़ान का रूख़ अब केयमैन आइलैंड और क्यूबा की तरफ़ है जहाँ लोग इससे बचने की तैयारियों में जुटे हैं. ख़तरा आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह तूफ़ान अमरीका के दक्षिण पश्चिमी इलाकों में भी तबाही मचा सकता है.
आइवन ने कई और कैरिबियाई देशों में भी तबाही मचाई है, ग्रेनेडा में भी इसने भारी नुक़सान पहुँचाया और कम से कम 17 लोगों की जान ले ली. इस तूफ़ान की तेज़ी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रत्यक्षदर्शियों ने बड़े पेड़ों को 'माचिस की तीलियों की तरह' जड़ से उखड़कर उड़ते देखा. जमैका में हवा की रफ़्तार 265 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, तूफ़ान पंद्रह किलोमीटर प्रति घंटा की दर से आगे खिसक रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि जमैका इस तूफ़ान की तगड़ी मार से बच गया है क्योंकि वह जमैका पहुँचने से ठीक पहले तूफ़ान पश्चिम दिशा में मुड़ गया. जमैका में बिजली सप्लाई ठप है और प्रधानमंत्री ने देश में इमरजेंसी की घोषणा कर दी है, देश के कई हिस्सों का संपर्क राजधानी किंगस्टन से कट गया है. हालाँकि हज़ारों लोगों ने तूफ़ान से बचने के लिए शिविरों में शरण ली है लेकिन बहुत सारे लोग चोरी के डर से अपने घरों में ही हैं, राजधानी से लूटपाट की ख़बरें भी मिली हैं. |
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