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सोमवार, 26 दिसंबर, 2005 को 21:21 GMT तक के समाचार
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सूनामी विपदा की बरसी पर श्रद्धांजलि
मारे गए परिजनों की याद में रोते लोग
एक साल पहले हिंद महासागर में भूकंप के बाद सूनामी लहरों की विनाशलीला में मारे गए लोगों की याद में सोमवार को जगह-जगह प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया.

सूनामी के कारण दो लाख से ज़्यादा लोग मारे गए थे. सूनामी लहरों का प्रभाव भारत, श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड और सोमालिया तक पड़ा था.

सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ था इंडोनेशिया का आचे प्रांत. भूकंप का केंद्र यही थी. मारे गए लोगों की संख्या के दो तिहाई से ज़्यादा अकेले आचे में मारे गए थे.

आचे प्रांत की राजधानी बांदा आचे में मारे गए लोगों की याद में एक मिनट का मौन रखा गया. इसी दौरान सूनामी चेतावनी प्रणाली का परीक्षण भी किया गया.

पश्चिमी सूमात्रा के पदांग शहर में भी इस प्रणाली का परीक्षण हुआ और दो हज़ार लोगों को निकालने का अभ्यास भी हुआ.

बांदा आचे में श्रद्धांजलि देने पहुँचे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बमबांग युधोयोनो ने उन लोगों की सराहना की जो पिछले एक साल से अपनी ज़िंदगी सँवारने की कोशिश में जुटे हैं.

आवश्यकता

यहाँ अभी भी हज़ारों प्रभावित लोग टेंट में रह रहे हैं और आकलन ये है कि कम से कम 80 हज़ार नए घरों की आवश्यकता है.

39 वर्षीया मेरियाटी ने कहा, "मैं राष्ट्रपति से एक घर की मांग कर रही हूँ. क्योंकि अभी मेरा घर बहुत बुरी हालत में है. मुझे अपना घर ख़ुद बनाना पड़ा था."

श्रीलंका में सूनामी में मारे गए लोगों की याद में बनाया गया स्मारक

सूनामी के कारण श्रीलंका में 30 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे. यहाँ भी बड़ी संख्या में लोगों ने मारे गए लोगों की याद में प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ.

श्रीलंका के दक्षिणी तट पर लोगों ने रात होने के बाद ज्योति जलाकर लोगों को याद किया. पेरालिया में सरकार ने प्रार्थना सभा आयोजित की. यहाँ एक हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थेय

लोगों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया. यहाँ राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे भी मौजूद थे. श्रीलंका में मुख्य आयोजन उस स्थान पर हुआ जहाँ सूनामी लहरों के बाद एक रेलगाड़ी पानी में बह गई थी.

श्रीलंका में सूनामी के कारण विस्थापित हुए 2,50,000 लोगों को आपातकालीन शिविरों से हटाकर 54,000 अस्थायी आवासों में ले जाया गया है. वहीं स्थाई घरों के निर्माण का काम भी तेज़ी से चल रहा है.

थाईलैंड में सूनामी लहरों की विनाशलीला में पाँच हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे. यहाँ बौद्ध और ईसाई मत के लोगों ने प्रभावित समुद्र तटों पर स्मारक बनाए हैं जहाँ हज़ारों लोगों ने मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.

भारत

भारत में भी सूनामी लहरों की तबाही के एक वर्ष पूरे होने पर मारे गए और प्रभावित हुए लोगों को याद किया गया. भारत में सूनामी लहरों के कारण 10,000 से अधिक लोग मारे गए थे.

कार निकोबार में स्मारक
कार निकोबार में बने स्मारक पर तीनों सेनाध्यक्षों ने श्रद्धांजलि दी

सबसे अधिक तबाही तमिलनाडु के नागपट्टनम ज़िले में हुई थी जहाँ 6,500 से अधिक लोग मारे गए थे.

नागपट्टनम में रविवार को सूनामी प्रभावितों की श्रद्धांजलि के तौर पर एक शांति यात्रा निकाली गई जिसमें हिंदू, मुस्लिम और ईसाई बच्चों ने भाग लिया.

अंडमान निकोबार द्वीप समूह, पॉंडिचेरी, केरल और आंध्र प्रदेश में भी सूनामी लहरों ने तबाही मचाई थी.

कार निकोबार में सूनामी की बरसी पर सोमवार को प्रार्थना सभाएँ हुई. वहाँ सोमवार सुबह को एक शांति रैली निकाली गई.

सूनामी लहरों के कारण कार निकोबार स्थित भारतीय वायु सेना के अड्डे पर मारे गए वायुसेना कर्मचारियों और उनके संबंधियों की स्मृति में एक स्मारक बनाया गया है.

भारतीय सेना के तीनों अंगों के सेनाध्यक्षों ने सोमवार को वहाँ जाकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.

ख़ुद की अपनी मदद
तमिलनाडु के परांगीपट्टई के दलित लोग सूनामी के बाद अपनी मदद ख़ुद कर रहें हैं.
सुनामी स्मारकसूनामी स्मारक
नागपट्टिनम में सूनामी में मारे गए लोगों की स्मृति में कई स्मारक बन रहे हैं.
सूनामी की लहरेंसूनामी का घटनाचक्र
आइए जानते हैं कि सूनामी ने कब, कहाँ और कैसे तबाही मचाई.
सुनामी से प्रभावित बच्चेअनाथ बच्चों की दास्तां
सूनामी के बाद अनाथ हुए बच्चों कि जिंदगी पटरी पर लौट पाई है?
श्रीलंका के लोगअपनों को खोने का ग़म
श्रीलंका में लोगों को सूनामी में मारे गए अपनों का ग़म अभी भी सालता है.
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