|
अमरीका की ईरान को कड़ी चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने चेतावनी दी है कि परमाणु संवर्धन रोकने की सुरक्षा परिषद की चेतावनी पर यदि ईरान ध्यान नहीं देता है तो उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने वॉशिंगटन में कहा कि ऐसी स्थिति में सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र के क़ानून के सातवें अनुच्छेद के तहत कार्रवाई पर विचार कर सकता है. उनका कहना था कि इसके तहत ईरान के ख़िलाफ़ ऐसी कार्रवाई की जा सकती है जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय चाहता है. इसके पहले ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने घोषणा की थी कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन में सफलता हासिल की है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख मोहम्मद अल बारादेई गुरुवार को ईरान को इस बात के लिए राज़ी करने में असफल रहे थे कि वो परमाणु संवर्धन का संवेदनशील काम रोक दे. इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अपील की थी. हालांकि दोनों पक्ष आने वाले कुछ हफ़्तों तक इस मामले पर चर्चा जारी रखने के लिए सहमत हो गए हैं. हालांकि ईरान ने कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है. लेकिन कुछ पश्चिमी देशों को शक है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है. उल्लेखनीय है कि अल बारादेई को इस महीने के अंत तक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रिपोर्ट देनी है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन रोक देने की अपील को स्वीकार कर रहा है या नहीं. | इससे जुड़ी ख़बरें अल बारादेई ईरान को नहीं मना सके13 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना बुश ने ईरान को आड़े हाथों लिया14 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान मुद्दे पर वक्तव्य को मंज़ूरी29 मार्च, 2006 | पहला पन्ना महाशक्तियों की चेतावनी मगर ईरान अड़ा30 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान पर प्रतिबंध का विचार उचित नहीं'31 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान ने फिर मिसाइल परीक्षण किया02 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'परमाणु हमले' की संभावना से इनकार10 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||