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ईरान मुद्दे पर वक्तव्य को मंज़ूरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाने के अगले क़दम के रूप में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक ऐसे वक्तव्य को मंज़ूरी दे दी है जिसमें ईरान से यूरेनियम संवर्धन बंद करने को कहा गया है. इस मंज़ूरी से पहले सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई देशों के बीच इस वक्तव्य पर सहमति हुई थी. ईरान के बारे में अगली रणनीति पर विचार करने के लिए अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस और चीन के विदेश मंत्रि आज बर्लिन में बैठक करने वाले हैं. पाँच स्थाई सदस्य देशों - अमरीका, ब्रिटेन, रूस, चीन और फ्रांस के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम मुद्दे पर लंबी बहस के बाद इस वक्तव्य पर सहमति हुई थी. इन देशों में इस पर काफ़ी बहस हुई कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में आख़िर किस तरह का बयान जारी किया जाए. चीन और रूस को बयान की भाषा पर कुछ आपत्ति थी और उसे ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन ने बयान का तीसरा मसौदा तैयार किया जिस पर अंतिम सहमति बनी है. ईरान का दावा है कि वह परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए चला रहा है. संशोधित मसौदा रूस और चीन ईरान के सहयोगी देश हैं और उन्होंने चिंता व्यक्त की थी कि सुरक्षा परिषद को इस मामले में शामिल किए जाने से ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का रास्ता निकल सकता है. ये दोनों देश चाहते हैं कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ही आगे बढ़कर काम करे. ताज़ा बयान में ईरान का आहवान किया गया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए यूरेनियम संवर्धन का काम तुरंत स्थगित करे. बयान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक का भी आहवान किया गया है कि वह इस विषय पर अपनी रिपोर्ट पेश करे कि ईरान ने किस हद तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बात मानी है और इसके लिए समय सीमा 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है. बयान में अब यह हिस्सा नहीं है कि परमाणु हथियारों के प्रसार से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को ख़तरा है और इस बयान के मसौदे में यह भी ज़िक्र किया गया है कि शांति बनाए रखने की ज़िम्मेदारी सुरक्षा परिषद पर है. | इससे जुड़ी ख़बरें ख़मेनेई ने वार्ता का समर्थन किया22 मार्च, 2006 | पहला पन्ना अमरीका को ईरान की पेशकश पर संदेह 18 मार्च, 2006 | पहला पन्ना असंतुष्ट पत्रकार गंजी को मिली रिहाई18 मार्च, 2006 | पहला पन्ना पहले हमला करने की नीति जारी रहेगी16 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ पर अमरीका-ईरान करेंगे वार्ता16 मार्च, 2006 | पहला पन्ना बुश ने ईरान को आड़े हाथों लिया14 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान अब भी रूस से बातचीत को तैयार'12 मार्च, 2006 | पहला पन्ना ईरान गंभीर चिंता है:बुश11 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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