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असंतुष्ट पत्रकार गंजी को मिली रिहाई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के बाग़ी तेवर वाले प्रमुख पत्रकार अकबर गंजी को पाँच साल बाद जेल से रिहा कर दिया गया है. वर्ष 2001 में शासन विरोधी लेख लिखने के बाद उन्हें जेल में भेज दिया गया था. अपने लेखों में गंजी ने वरिष्ठ अधिकारियों पर असंतुष्टों की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. उनके वकील ने शुक्रवार रात उन्हें रिहा किए जाने की पुष्टि की है. गंजी के परिजनों के अनुसार उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है. उनका वज़न 49 किलोग्राम रह गया है. गंजी को ऐसे समय रिहा किया गया है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान परमाणु संकट पर चर्चा होनी है. बाग़ी तेवर ईरान के सुधारवादियों के बीच गंजी एक नायक की तरह देखे जाते हैं. दुनिया के कई नेताओं ने उन्हें रिहा करने की माँग की थी. पाँच साल की क़ैद के दौरान गंजी को एक लंबा अरसा काल-कोठरी में रखा गया. जेल में पिटाई किए जाने की शिकायत करने वाले गंजी ने क़ैद में कई बार उन्होंने भूख हड़ताल की थी. तेहरान से बीबीसी संवाददाता फ़्रांसिस हैरिसन के अनुसार अधिकतर ईरानियों को लगता था कि सज़ा की अवधि ख़त्म होने के बाद भी 46 वर्षीय बाग़ी पत्रकार को रिहा नहीं किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका को ईरान की पेशकश पर संदेह 18 मार्च, 2006 | पहला पन्ना बुश ने ईरान को आड़े हाथों लिया14 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'ईरान अब भी रूस से बातचीत को तैयार'12 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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