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'राष्ट्रमंडल खेलों में फिर लौटे क्रिकेट' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का कहना है कि दिल्ली में वर्ष 2010 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट को फिर से शामिल किया जाना चाहिए. गावस्कर का कहना था, "क्रिकेट खिलाड़ी होने के नाते मुझे बहुत ख़ुशी होगी अगर क्रिकेट राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल हो और इससे क्रिकेट का प्रसार हो." राष्ट्रमंडल खेल फ़ेडरेशन के अध्यक्ष माइकल फ़ेनैल अगले चार सालों के दौरान क्रिकेट को खेलों में शामिल किए जाने के पक्ष में है. सुनील गावस्कर मानते हैं कि 1998 में कुआलालंपुर का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा था. आख़िरी बार वर्ष 1998 में क्रिकेट को राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया गया था लेकिन उस समय इंग्लैंड ने क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था और कई देशों ने कमज़ोर टीमें भेजी थीं. गावस्कर का कहना था, "1998 का अनुभव अच्छ नहीं था, एक बड़े देश ने तो अपनी टीम ही नहीं भेजी थी." पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी का कहना था कि राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट को शामिल करना बहुत ही अच्छा रहेगा लेकिन अगर सभी देश अपनी मज़बूत टीम मैदान में नहीं उतारते हैं तो उससे अच्छा होगा कि क्रिकेट को शामिल न किया जाए. क्रिकेट को राष्ट्रमंडल खेलों में किस शक्ल में शामिल किया जाए इस बात को लेकर विवाद है. राष्ट्रमंडल खेल के आयोजक चाहते हैं कि मैच 50 ओवरों का ही हो जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद 20 ओवरों वाले मैच की हिमायत करती है. |
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