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हार पर हैरान भारतीय कप्तान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के हाथों 212 रनों की क़रारी हार के लिए भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने अपनी टीम की बल्लेबाज़ी को क़ुसूरवार ठहराया है और इसपर हैरानी भी जताई है. मुंबई टेस्ट के तीसरे दिन एक समय भारतीय टीम का स्कोर तीन विकेट पर 75 रन था मगर इसके बाद बल्लेबाज़ों की विदाई का ऐसा ताँता लगा कि सारी टीम ही 100 रन पर ढेर हो गई. कप्तान द्रविड़ का कहना है,"जिस तरह से हमारे विकेट गिर गए वो वाकई अजीब-सी बात है, हमने लंच के बाद सचमुच बहुत ख़राब बल्लेबाज़ी की". उन्होंने इंग्लैंड टीम को बधाई दी और कहा,"इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा खेल दिखाया और वे जीत के पूरे हक़दार थे".
मैच में भारत ने पाँचवें दिन जल्दी ही दो विकेट गँवा दिए थे जिसके बाद द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर ने मिलकर 42 रन जोड़े. लेकिन लंच के बाद तीसरी ही गेंद पर द्रविड़ आउट हो गए और इसके थोड़ी देर बाद सचिन तेंदुलकर भी पवेलियन लौट गए.
द्रविड़ का कहना है,"हमने अपना शुरूआती ध्येय तो पा लिया जब हम बग़ैर अधिक विकेट गँवाए पारी को लंच तक ले गए. इसके बाद हमें चायकाल तक बिना विकेट गँवाए खेलना चाहिए था". टीम के प्रदर्शन पर कोच ग्रेग चैपल का कहना था कि जो हुआ उससे फिर ये दिखता है कि टीम को ऐसे कई खिलाड़ियों की आवश्यकता है जो द्रविड़ की तरह लंबी पारी खेल सकें. 'द वॉल' के नाम से प्रख्यात द्रविड़ ने पूरी सिरीज़ में कड़ा संघर्ष किया और कुल 309 रन बनाए. चैपल ने कहा,"द्रविड़ अविश्वसनीय प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं और अब समय आ गया है कि कुछ और ऐसे लोगों को ढूँढा जाए जो इस भार का कुछ हिस्सा वहन कर सकें". उन्होंने कहा,"एक ख़राब दिन से कई बार कुछ बहुत अच्छे सबक मिलते हैं और आज जो हुआ उससे भी हमें कुछ सबक मिले हैं". |
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