|
भारत बुरी तरह हारा, सिरीज़ बराबर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तीसरा और अंतिम टेस्ट: मुंबई इंग्लैंड: 400 और 191 रन भारत: 279 और 100 रन (परिणाम: इंग्लैंड 212 रन से जीता) इंग्लैंड ने मुंबई में तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 212 रन के भारी अंतर से जीत कर टेस्ट सिरीज़ 1-1 से बराबर कर लिया है. भारत को जीत के लिए 313 रन बनाने थे, लेकिन पूरी टीम मात्र 100 रन बना कर आउट हो गई. अंतिम दिन भारतीय बल्लेबाज़ों की एक नहीं चली है. सर्वाधिक 34 रन सचिन तेंदुलकर ने बनाए. मात्र 12 रन बनाने वाले युवराज दूसरे नंबर के टॉप स्कोरर रहे. इंग्लैंड के गेंदबाज़ों में चार विकेट लेकर शॉन उडल सर्वाधिक सफल रहे. फ़्लिंटॉफ़ को तीन विकेट मिले. फ़्लिंटॉफ़ को मैन ऑफ़ द मैच घोषित किया गया. मैन ऑफ़ द सिरीज़ भी फ़्लिंटॉफ़ ही बने. मुंबई टेस्ट मैच में फ़्लिंटॉफ़ ने दोनों पारी में 50-50 रन बनाए और क्रमश: एक और तीन विकेट भी लिए. बल्लेबाज़ों ने घुटने टेके बुधवार को भारतीय बल्लेबाज़ी किस क़दर धराशाई हुई यह इसी बात से पता चल जाता है कि मात्र तीन बल्लेबाज़ अपना स्कोर दो अंकों में ले जा सके हैं. तेंदुलकर ने 34 रन बनाए, जबकि युवराज ने 12 और जाफ़र ने 10 रनों का योगदान दिया. लंच के समय भारत का स्कोर था 3 विकेट पर 75 रन, और अगले 25 रन बनाने में भारत के शेष 7 विकेट गिर गए.
पाँचवें दिन भारत ने एक विकेट पर 18 रन से आगे खेलना शुरू किया था. अंतिम दिन का खेल शुरु होते ही भारत ने अनिल कुंबले का विकेट गँवा दिया. कुछ ही देर बाद फ़्लिंटॉफ़ की गेंद पर वसीम जाफ़र एलबीडब्ल्यू आउट हो गए. उसके बाद भारतीय कप्तान द्रविड़ ने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर भारतीय पारी को आधार देने की कोशिश की. लेकिन लंच के बाद का खेल शुरू होते ही द्रविड़ 9 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर इंग्लैंड के कप्तान फ़्लिंटॉफ़ की गेंद का शिकार बने. तुरंत बाद सचिन तेंदुलकर भी पैवेलियन चलते बने. तेंदुलकर ने उडल की गेंद पर आउट होने से पहले 34 रन बनाए. पिच पर युवराज सिंह का साथ दे रहे थे वीरेन्द्र सहवाग. लेकिन सहवाग अपना खाता खोले बिना एंडरसन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए. महेन्द्र सिंह धोनी भी दूसरी पारी में कुछ नहीं कर पाए. उन्होंने पाँच रन ही बनाए थे जब उडल की गेंद पर एक आसान कैच मोंटी पनेसर को थमा दिया. हरभजन सिंह को उडल ने अपना तीसरा शिकार बनाया. उन्होंने छह रन बनाए. युवराज भी हरभजन के पीछे-पीछे पैवेलियन लौट गए. उन्होंने फ़्लिंटॉफ़ की गेंद पर आउट होने से पहले 12 रन बनाए. अंतिम विकेट मुनाफ़ का गिरा. उन्हें उडल ने एक रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट किया. श्रीसंत बिना कोई रन बनाए नाबाद रहे. चौथा दिन चौथे दिन के खेल की समाप्ति तक भारत की दूसरी पारी में जाफ़र 4 और अनिल कुंबले 8 रन बना कर खेल रहे थे. चौथे दिन आउट होने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी थे इरफ़ान पठान जिन्हें एंडरसन ने 6 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर बोल्ड कर दिया. इससे पहले इंग्लैंड की दूसरी पारी 191 रनों पर सिमट गई है. इस तरह जीत के लिए भारत के सामने 313 रनों का लक्ष्य रखा गया. इंग्लैंड की दूसरी पारी में कप्तान एंड्रयू फ़्लिंटॉफ़ ने सर्वाधिक 50 रन बनाए. ओवैस शाह भी बढ़िया खेले और 38 रन बनाकर आउट हुए. भारत की ओर से दूसरी पारी में कुंबले ने सर्वाधिक 4 और हरभजन सिंह ने 2 विकेट लिए. भारत की पहली पारी 279 रन पर सिमट गई थी. धोनी ने सर्वाधिक 64 रन बनाए. कुंबले ने 30 रन बनाए, जबकि श्रीसंत 29 पर नाबाद रहे. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 400 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड को 121 रनों की बढ़त मिली थी. सिरीज़ का पहला टेस्ट नागपुर में ड्रॉ रहा था, जबकि मोहाली में दूसरे टेस्ट में भारत ने नौ विकेट से जीत हासिल की थी. |
इससे जुड़ी ख़बरें लक्ष्य 313 का, भारत ने एक विकेट खोया21 मार्च, 2006 | खेल स्ट्रॉस का शतक, इंग्लैंड मज़बूत स्थिति में18 मार्च, 2006 | खेल मोहाली में मिली नौ विकेट से जीत13 मार्च, 2006 | खेल नागपुर टेस्ट अनिर्णीत, जाफ़र का शतक05 मार्च, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||