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नई इराक़ी संसद की पहली बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में जनवरी 2006 में आम चुनाव होने के बाद गठित नई संसद की गुरूवार को पहली बैठक हुई है लेकिन सरकार गठन पर कोई ठोस प्रगति नज़र नहीं आई है. इस बीच अंतरिम प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री ने कहा है कि अगर देश के लोग उन्हें इस पद पर नहीं देखना चाहते तो वह पद छोड़ने के लिए तैयार हैं. संसद की बैठक में शामिल होने के बाद जाफ़री ने कहा, "अगर मेरे लोग मुझसे हट जाने के लिए कहेंगे तो मैं ऐसा करने के लिए तैयार हूँ." राजनीतिक असहमतियों की वजह से यह अधिवेशन होने में लगभग तीन महीने की देरी हुई है और गुरूवार को भी कुछ उच्च राजनीतिक पदों को भरे जाने के मुद्दे पर असहमतियों की वजह से यह अधिवेशन कुछ देर के लिए टाल दिया गया. संसद के उदघाटन सत्र में 275 सदस्यों को शपथ दिलाई गई और एक घंटे से भी कम समय में ही स्थगित कर दी गई. इराक़ी विदेश मंत्री होशिया ज़ेबारी ने बीबीसी को बताया कि छोटे दलों ने बड़े शिया धड़े से कहा कि वह प्रधानमंत्री पद के लिए जाफ़री के अलावा किसी और के नाम पर विचार करे. विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच अनसुलझे मतभेदों की वजह से नई सरकार के गठन में भी देरी होने की संभावना है. संवाददाताओं का कहना है कि अभी इराक़ियों को नई सरकार देखने के लिए कई सप्ताह तक का इंतज़ार करना पड़ सकता है. नई संसद का यह अधिवेशन ऐसे माहौल में हो रहा है जब देश में शिया-सुन्नी मुसलमानों के बीच जातीय हिंसा में अनेक लोग मारे जा चुके हैं और देश गृहयुद्ध की गर्त में जाने की आशंका भी जताई गई है. उम्मीदें और बाधाएँ इसमें दो राय नहीं कि राष्ट्रीय एकता वाली नई सरकार से देश को गृहयुद्ध से बचाने की उम्मीद की जा सकती है लेकिन अभी अनेक बाधाएँ भी हैं. मसलन एक यह है कि प्रधानमंत्री इब्राहीम जाफ़री की जगह किसे शियाओं का नया प्रतिनिधि बनाया जाए इस मुद्दे पर अभी कोई सहमति नहीं हो सकी है. अन्य गुट उन्हें पसंद नहीं करते हैं इसलिए जाफ़री उनके बिना नई सरकार का गठन नहीं कर सकते. इसलिए संसद के उदघाटन सत्र में स्पीकर का चुनाव भी नहीं हो सकता क्योंकि यह पद व्यापक सत्ता बँटवारे पर सहमति का ही एक हिस्सा है. अलबत्ता इस मौक़े पर नए सांसदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी इसलिए यह समारोह का एक मौक़ा तो होगा. लेकिन चूँकि संविधान कहता है कि स्पीकर का चुनाव पहले सत्र में ही होना चाहिए, इसलिए संसद अपना सत्र अनिश्चितकाल के लिए खुला होने की घोषणा कर सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें आपस में नहीं, विदेशियों से लड़ें:सद्दाम15 मार्च, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में 15 और शव मिले14 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में विभिन्न घटनाओं में 66 की मौत12 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में 13 लोगों को फाँसी दी गई09 मार्च, 2006 | पहला पन्ना 'जातीय हिंसा गृह युद्ध में बदल सकती है'07 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ युद्ध पर ब्लेयर की आलोचना04 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में ताज़ा हिंसा में 19 मारे गए03 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में वाहनों पर दिन का कर्फ़्यू03 मार्च, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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