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शनिवार, 04 मार्च, 2006 को 09:44 GMT तक के समाचार
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इराक़ युद्ध पर ब्लेयर की आलोचना
टोनी ब्लेयर
इराक़ युद्ध के विरोधियों ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की इस बयान के लिए आलोचना की है कि उन्होंने मार्च 2003 में इराक़ पर हमले में शामिल होने के लिए देश की सेनाएँ भेजी जाएँ या नहीं, इस बारे में ईश्वर से प्रार्थना की थी.

प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने एक ब्रितानी टेलीविज़न चैनल आईटीवी के साथ एक इंटरव्यू में कहा है कि उनका विश्वास है कि इराक़ युद्ध के बारे में ईश्वर ही उनके बारे में फ़ैसला करेगा.

इराक़ में मारे गए एक सैनिक के पिता रेग कीज़ ने कहा कि ब्लेयर "अपनी बड़ी रणनीतिक नाकामी से बचने के लिए ईश्वर को ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं."

इराक़ के दक्षिणी शहर बसरा में 2004 में मारे गए एक अन्य ब्रितानी सैनिक गोर्डन के पिता रोज़ जैंटल ने कहा, "एक सच्चा ईसाई इस युद्ध को सही नहीं मान सकता. मैं दरअसल इस बयान से बहुत आहत हूँ. यह एक मज़ाक जैसा है."

अहम फ़ैसले
 ऐसे में आप सिर्फ़ यह कर सकते हैं कि वो फ़ैसला लें जो आपकी अंतरात्मा की नज़र में सही है. अगर आप ईश्वर में आस्था रखते हैं तो इस तरह के फ़ैसल ईश्वर की तरफ़ से भी आते हैं.
टोनी ब्लेयर

रेग कीज़ ने कहा कि ब्लेयर का यह बयान "घिनौना" है. कीज़ 2005 के आम चुनाव में एक युद्ध विरोधी उम्मीदवार के रूप में ब्लेयर के सामने चुनाव लड़े थे और उन्होंने ही 'युद्ध के ख़िलाफ़ सैन्य परिवार' नामक संगठन बनाया है.

उन्होंने कहा कि इराक़ युद्ध में शामिल होना "बहुत भारी राजनीतिक भूल" रही है.

लेकिन लेबर सांसद स्टीफ़न पाउंड ने 'तकलीफ़देह ईमानदारी' दिखाने के लिए ब्लेयर की प्रशंसा की है.

ब्लेयर ने आईटीवी के माइकल परकिंसन को शुक्रवार रात को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि इराक़ में संभावित युद्ध के बारे में फ़ैसला लेने के दिनों में वह किस तरह अपनी अंतरात्मा से जूझ रहे थे.

ब्लेयर ने कहा, "जब आप इस तरह की किसी नाज़ुक स्थिति का सामना कर रहे होते हैं तो फ़ैसला लेना बहुत-बहुत मुश्किल होता है, ख़ासतौर से ऐसे में जबकि आप जानते हैं कि यह लोगों की ज़िंदगी और कुछ मामलों में मौत का मामला है."

"ऐसे में आप सिर्फ़ यह कर सकते हैं कि वो फ़ैसला लें जो आपकी अंतरात्मा की नज़र में सही है."

ब्लेयर ने कहा, "अंत में आपको पता चलता है कि इस तरह के फ़ैसले कुछ अन्य लोग भी निर्धारित करते हैं."

इसे और स्पष्ट करने के अनुरोध पर ब्लेयर ने कहा, "अगर आप ईश्वर में आस्था रखते हैं तो इस तरह के फ़ैसल ईश्वर की तरफ़ से भी आते हैं."

उपाय और फ़ैसले

रेग कीज़ ने कहा, "युद्ध का फ़ैसला किसी प्रधानमंत्री को सिर्फ़ तभी करना चाहिए जब बाक़ी उपाय ख़त्म हो जाएँ लेकिन इराक़ युद्ध के मामले में अन्य उपाय ख़त्म नहीं हुए थे."

उचित कारण
 ईश्वर का इससे कुछ लेना-देना नहीं है. हम संतुष्ट होना चाहते हैं कि हमारे प्रियजनों ने अगर जान दी तो किसी न्यायसंगत लक्ष्य के लिए, न कि किसी भ्रामक धार्मिक कारण के लिए.
रेग कीज़

उन्होंने कहा, "ईश्वर का इससे कुछ लेना-देना नहीं है. हम संतुष्ट होना चाहते हैं कि हमारे प्रियजनों ने अगर जान दी तो किसी न्यायसंगत लक्ष्य के लिए, न कि किसी भ्रामक धार्मिक कारण के लिए."

रेग कीज़ ने आरोप लगाया कि ब्लेयर भी वही दलील दे रहे हैं जो कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने दी थी. कीज़ ने कहा, "क्या यह मान लें कि एक सौ से ज़्यादा ताबूत देश में इसलिए आए हैं क्योंकि ईश्वर ने ब्लेयर को युद्ध में शामिल होने के लिए कहा था."

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