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बुधवार, 09 नवंबर, 2005 को 18:18 GMT तक के समाचार
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लेबर की संसद में पहली हार
टोनी ब्लेयर
ये प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के 1997 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से लेबर पार्टी की संसद में पहली हार है
ब्रितानी संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ़ कॉमन्स' ने ब्लेयर सरकार के विवादास्पद आतंकवाद विरोधी विधेयक के ख़िलाफ़ वोट दिया है.

इस विधेयक के तहत आतंकवादी गतिवधियों में शामिल होने के शक में पकड़े गए लोगों को बिना मुक़दमा चलाए 90 दिन तक हिरासत में रखने का प्रावधान था.

महत्वपूर्ण है कि ये प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के 1997 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लेबर पार्टी की संसद के निचले सदन में पहली हार है.

सत्ताधारी लेबर पार्टी के 41 सांसदों ने विपक्ष का साथ दिया और आठ साल में प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में लेबर पार्टी को पहली बार हार का मुँह देखना पड़ा.

ये विधेयक लंदन में सात जुलाई को हुए बम धमाकों के बाद बनाया गया था जिनके कारण पचास से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

विपक्ष ने इस विधेयक की निंदा की और इसे ज़रूरत से ज़्यादा कठोर बताया. उनका कहना था कि इससे मुसलमान समुदाय के लोग नाराज़ हो जाएँगे और इस समुदाय से गुप्तचर जानकारी मिलनी और मुश्किल हो जाएगी.

संसद में बहस से पहले प्रधानमंत्री ब्लेयर ने संसद को बताया कि जुलाई में हुए धमाकों के बाद ब्रितानी पुलिस 'आतंकवादियों के दो षड्यंत्र' नाकाम कर चुकी है.

महत्वपूर्ण है कि लेबर पार्टी की इस विधेयक पर हार के बाद संसद ने एक संशोधन पारित किया जिसके तहत आतंकवादी गतिविधियों में शामिल संदिग्ध लोगों को बिना न्यायालय में पेश किए 28 दिन तक हिरासत में रखा जा सकेगा. अब तक उन्हें 14 दिन तक ही हिरासत में रखा जा सकता है.

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