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मेरा प्रभुत्व कायम है: ब्लेयर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी संसद के निचले सदन में आतंकवाद विरोधी विधेयक पर ब्लेयर सरकार की हार के बाद प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का कहना है कि उनका प्रभुत्व कायम है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसदों को इस मतदान पर आगे चलकर पछतावा नहीं होगा. प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि उन्हें संसद में लिए गए इस फ़ैसले पर अफ़सोस है और वे समझ नहीं पा रहे कि सांसदों ने ऐसे मतदान क्यों किया. उनका कहना था कि कई बार सही काम करते हुए हार जाना, ग़लत काम करते हुए जीतने से बेहतर होता है. प्रधानमंत्री ब्लेयर का नहीं मानना कि इस हार का मतलब है कि उनमें भी अविश्वास का मत हो सकता है. उनका कहना था कि ये एक अलग मुद्दा है. लेकिन उनके आलोचकों का कहना है कि ये सार्वजनिक तौर पर उनके प्रभुत्व को झटका है, ख़ास तौर पर ऐसे मुद्दे पर जिसकी वकालत में उन्होंने इतना समय लगाया है. लेकिन ये जान लेना ज़रूरी है कि पहले भी कई प्रधानमंत्रियों की संसद में इस तरह की हार हो चुकी है लेकिन उन्हें अपना पद नहीं छोड़ना पड़ा. | इससे जुड़ी ख़बरें नागरिकता के लिए लिखित परीक्षा02 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना ब्रितानी मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया02 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना बर्मिंघम में झड़पें, एक की मौत23 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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