|
दुर्व्यवहार मामले की जाँच होगी: ब्लेयर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्ल्येर ने कहा है कि ब्रितानी सैनिकों के इराक़ी युवकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले की पूरी जाँच की जाएगी. उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के एक अख़बार 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' ने एक वीडियो फ़िल्म से कुछ तस्वीरों छापी हैं जिसमें ब्रितानी सैनिक इराक़ी युवकों को बुरी तरह पीट रहे हैं. ब्लेयर इस समय दक्षिण अफ़्रीका के दौरे पर हैं. उन्होंने कहा कि इराक़ में मौजूद ब्रितानी सैनिकों में से अधिकांश ने बड़े अच्छे तरीक़े से अपने दायित्वों का निर्वाह किया है. इस बीच ब्लेयर सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि दुर्व्यवहार की तस्वीरों से सबसे ज़्यादा दुःख उन सैनिकों को होगा जो कि ईमानदारी से और ज़िम्मेदारीपूर्वक अपना दायित्व निभा रहे हैं. वित्त मंत्री गॉर्डन ब्राउन ने बीबीसी के एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा, "यदि ये सच है तो इसे एक असहनीय बर्ताव माना जाएगा. रक्षा मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मामले की पूरी जाँच कराई जाएगी. जो ज़िम्मेवार पाए जाएँगे उनके ख़िलाफ़ मामले चलाए जाएँगे." ब्राउन ने कहा, "मैं समझता हूँ सबसे ज़्यादा दुःख उन सैनिकों को होगा जो हमारी सेना के मेहनती, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही हैं." ब्रितानी रक्षा मंत्रालय पहले ही आरोपों की जाँच कराने की घोषणा कर चुका है. 'कुछेक पर ही आरोप' 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' का दावा है कि ये फ़िल्म भरोसे के लायक है और ये घटना दो साल पहले दक्षिणी इराक़ की है. वीडियो में सैनिक इराक़ी युवकों को घसीटते और ठोकरें मारते दिखाए गए हैं. अख़बार के मुताबिक एक सैनिक ने ये वीडियो मज़े के लिए बनाया था. बीबीसी के एक संवाददाता को भी दो मिनट की फ़िल्म दिखाई गई जिसमें सड़क पर हुई एक झड़प के बाद सैनिकों को इराक़ी युवकों की पिटाई करते दिखाया गया है. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर मार्टिन रुटलेज का कहना था, "हम दुर्व्यवहार की सभी घटनाओं की निंदा करते हैं और इन्हें बहुत गंभीरता से लेते हैं. इराक़ में सैन्य कार्रवाई के बाद वहाँ 80 हज़ार पुरुष और महिलाएँ सैनिक अभियान में भाग ले चुके हैं और कुछ-एक पर ही दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में स्थिति पर अलावी की चेतावनी27 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना ग्वांतनामो की वैधानिकता पर चिंता19 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना दुर्व्यवहार के मामले बर्दाश्त नहीं :अमरीका17 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का नया मामला15 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना सैनिकों पर दुर्व्यवहार के मामले दर्ज08 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना अमरीका क़ैदियों को यातनाएँ नहीं देता07 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||