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बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का नया मामला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ सरकार ने इराक़ी सुरक्षाबलों के हाथों बग़दाद में 170 से अधिक बंदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की जाँच करवाने की घोषणा की है. इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री ने कहा है कि ये बंदी केंद्रीय बग़दाद में गृह मंत्रालय की एक इमारत में पाए गए और उनमें कुछ की हालत बहुत ख़राब थी. बंदियों में से कई को देखकर लग रहा था कि या तो वे भूखे होने के कारण कुपोषण के शिकार हो चुके हैं या उन्हें यातना दी गई है. अधिकतर बंदी सुन्नी समुदाय के हैं. इराक़ी प्रधानमंत्री ने बताया कि अब इन बंदियों को बेहतर जगहों पर ले जाया गया है जहाँ उनकी चिकित्सा की जा रही है. उधर अमरीका में संसद के ऊपरी सदन सीनेट में एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें कहा गया है कि इराक़ी लोगों को अब अपने लोगों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेने के लिए आगे आना चाहिए ताकि अमरीकी सैनिक वहाँ से धीरे-धीरे निकल सकें. बंदियों के साथ दुर्व्यवहार जिन बंदियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है वे अमरीकी सैनिकों को रविवार को मिले जिन्होंने उस इमारत को अपने नियंत्रण में ले लिया. दरअसल हिरासत में बंद एक युवक के परिवारवाले लगातार अमरीकी सेना के पास इस बारे में जाँच करने का आग्रह कर रहे थे जिसके बाद अमरीकी सेना ने तलाशी अभियान शुरू किया. इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री ने पत्रकारों से कहा,"मुझे ये बताया गया है कि गृह मंत्रालय की एक जेल में 173 बंदियों को रखा गया और ऐसा लगता है कि वे कुपोषण के शिकार हैं". उन्होंने वादा किया कि बंदियों के साथ दुर्व्यवहार करने के दोषी पाए गए लोगों को ढूँढ निकाला जाएगा. मानवाधिकारों के लिए काम करनेवाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल जाँच के फ़ैसले का स्वागत किया है लेकिन उन्होंने आग्रह किया है कि जाँच के दायरे में बंदियों के साथ दुर्व्यवहार के सभी मामलों को लाया जाए. मानवाधिकार संगठन इराक़ में नए पुलिस बल के ख़िलाफ़ लगातार ऐसी शिकायतें करते रहे हैं कि वे सुनियोजित तरीक़े से हिरासत में बंदियों को यातनाएँ देती है. बग़दाद में स्थित एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा संदेह है कि शायद बद्र ब्रिगेड नामक एक गुट उस भवन का इस्तेमाल अपने ठिकाने के तौर पर कर रहा था जिसमें ये बंदी मिले हैं. बद्र ब्रिगेड के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से काफ़ी नज़दीकी संबंध हैं. प्रस्ताव पारित अमरीकी सीनेट में प्रस्ताव पारित कर कहा गया है कि इराक़ियों को अगले वर्ष से अपने देश में सुरक्षा का नेतृत्व अपने हाथ में लेना शुरू करना चाहिए. इराक़ में अमरीकी सैनिकों की मौजूदगी को लेकर आम लोगों में असंतोष है और इसी को ध्यान में रखकर सीनेट ने अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय से कहा है कि वह इराक़ के बारे में प्रगति पर संसद को सूचित करते रहे. लेकिन सीनेट ने डेमोक्रेट पार्टी के सीनेटरों की ओर से लाए गए एक प्रस्ताव को ख़ारिज़ कर दिया जिसमें इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी के लिए एक समयसीमा तय कर देने की बात की गई थी. संवाददाताओं का कहना है कि सीनेट में पारित हुए प्रस्ताव से पता चलता है कि अमरीका में सभी दलों के लोग इस बात पर एकराय रखते हैं कि अमरीकी सैनिकों को इराक़ से निकल जाना चाहिए और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी इराक़ियों को सौंप दी जानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें अल-दौरी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी14 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'संदिग्ध हमलावर' ने स्वीकार किया अपराध 13 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'ब्रितानी सैनिक 2006 तक हट सकते हैं'13 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'इराक़ में राष्ट्रीय सुलह-सफ़ाई की ज़रूरत'12 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना सैनिकों पर दुर्व्यवहार के मामले दर्ज08 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना दुर्व्यवहार की नई तस्वीरों पर बवाल13 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना अमरीकी सैनिकों पर दुर्व्यवहार का मामला28 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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