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'संदिग्ध हमलावर' ने स्वीकार किया अपराध | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जॉर्डन की राजधानी अम्मान में पिछले दिनों हुए आत्मघाती बम हमले में एक संदिग्ध महिला हमलावर ने टेलीविज़न पर स्वीकार किया है कि वह भी हमलों में शामिल थी. जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने रविवार को ही घोषणा की थी कि पिछले दिनों अम्मान में हुए बम धमाकों के सिलसिले में एक इराक़ी महिला को गिरफ़्तार किया गया है. जॉर्डन की पुलिस का कहना है कि यह महिला तीन इराक़ी आत्मघाती हमलावरों में से एक की पत्नी है. पुलिस का कहना है कि ये महिला आत्मघाती हमलावरों में शामिल थी और अपने को धमाके से उड़ाना चाहती थी लेकिन उसकी कोशिश नाकाम रही. साजिदा मुबारक अतरौस अल रिशावी नाम की इस महिला ने जॉर्डन के टेलीविज़न पर कहा, "मेरे पति ने विस्फोटकों वाली एक बेल्ट बाँध रखी थी और मैंने दूसरी. मेरे पति ने मुझे ये बताया था कि इसका कैसे इस्तेमाल करना है." तैयारी इस महिला ने आगे बताया कि कैसे वे रेडिसन होटल पहुँचे जहाँ एक विवाह समारोह चल रहा था. रिशावी ने बताया, "होटल के इस कमरे में मेरे पति एक कोने पर खड़े थे और मैं दूसरे कोने पर."
इस महिला ने बताया कि इस समय उस कमरे में महिलाएँ और बच्चे भी मौजूद थे. रिशावी ने बताया कि उन्होंने विस्फोटकों में धमाका करने की कोशिश की लेकिन वह नाकाम रहा जबकि उनके पति इसमें सफल रहे. बुधवार को अम्मान के तीन होटलों में हुए आत्मघाती हमलों में 57 लोग मारे गए थे. पुलिस का कहना है कि ये महिला एक इराक़ी चरमपंथी की बहन है. इस चरमपंथी को अबू मुसाब अल ज़रक़ावी का क़रीबी माना जाता था लेकिन वह फ़लूजा में अमरीकी कार्रवाई के दौरान मारा गया था. पुलिस ने इस महिला के पास मौजूद विस्फोटकों की तस्वीर जारी की है. जॉर्डन की पुलिस ने अम्मान बम हमलों के पीछे तीन इराक़ी आत्मघाती हमलावरों का हाथ बताया है. इनके नाम अली हुसैन अली अल शामरी, रवाद जासीम मोहम्मद आबिद और सफ़ा मोहम्मद अली बताए गए हैं. गिरफ़्तार महिला का नाम साजिदा मुबारक अतरौस अल रिशावी बताया गया है जो शामरी की पत्नी हैं. पुलिस का कहना है कि हमले के चार दिन पहले चारों आत्मघाती हमलावरों ने इराक़-जॉर्डन सीमा से देश में प्रवेश किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें जॉर्डन धमाकों में नाम सामने आए13 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉर्डन विस्फोट मामले में गिरफ़्तारियाँ11 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'अल क़ायदा' का जॉर्डन में धमाके करने का दावा10 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉर्डन धमाकों की अंतरराष्ट्रीय निंदा10 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉर्डन धमाकों से नहीं डरेगा: अब्दुल्ला10 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉर्डन के प्रधानमंत्री इराक़ यात्रा पर11 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना जेल से लिखी सद्दाम हुसैन ने चिट्ठी 21 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना चरमपंथियों की अंतरराष्ट्रीय सूची बनेगी20 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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