| जॉर्डन के प्रधानमंत्री इराक़ यात्रा पर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जॉर्डन के प्रधानमंत्री अदनान बदरान बग़दाद की यात्रा कर रहे हैं. सद्दाम हुसैन का शासन समाप्त होने के बाद यह किसी अरब देश के उच्च नेता की पहली यात्रा है. अदनान बदरान और इराक़ी प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री ने एक संयुक्त बयान में कहा कि संयुक्त सीमा पर सुरक्षा स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक संयुक्त समिति बनाई जाएगी. ऐसा कहा जा रहा है कि जिन चरमपंथियों ने जॉर्डन के बंदरगाह अक़ाबा पर पिछले महीने हमला किया था, वे शायद इराक़ में आ गए हों. बरदान ने कहा कि दोनों देशों की सुरक्षा और स्थिरता आपस में जुड़ी हुई है. उन्होंने अक़ाबा बंदरगाह और बग़दाद के बीच एक रेल संपर्क बनाने का भी वादा किया. इराक़ी प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री ने कहा कि जॉर्डन के प्रधानमंत्री की यह यात्रा काफ़ी महत्वपूर्ण है. उन्होंने अन्य अरब नेताओं से भी इसी राह पर चलने और इराक़ के साथ निकट संबंध बनाने की गुज़ारिश की. इराक़ी राष्ट्रपति जलाल अल तालाबानी ने पिछले सप्ताह कहा था कि अन्य अरब देश इराक़ के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं. जॉर्डन को इराक़ में विद्रोहियों के घुसने का मुख्य बिंदु माना जाता है. 2003 में अमरीकी के हमले से पहले जॉर्डन ने इराक़ से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. अगस्त 2003 में जॉर्डन के दूतावास के बाहर हुए एक कार बम हमले में 19 लोग मारे गए थे जिसमें जॉर्डन के कुछ नागरिक भी थे. |
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