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जॉर्डन धमाकों से नहीं डरेगा: अब्दुल्ला | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला ने कहा है कि चरमपंथी बम धमाकों से उनके देश को डराया नहीं जा सकता है. बुधवार को राजधानी अम्मान के तीन बड़े होटलों में हुए बम धमाकों में कम से कम 56 लोग मारे गए और सौ से ज़्यादा घायल हैं. 'अल क़ायदा इन इराक़' नामक संगठन ने बम धमाकों की ज़िम्मेदारी ली है. जॉर्डन की सरकार पहले ही कह चुकी है कि उसे इराक़ में सक्रिय अल क़ायदा नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी पर शक है. अब्दुल्ला ने सुरक्षा अधिकारियों की एक बैठक में गुरुवार को कहा, "चरमपंथियों की ये करतूतें हमें आतंकवाद से लड़ाई में हमारी भूमिका को छोड़ने पर मज़बूर नहीं कर सकतीं." उन्होंने आतंकवाद के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय रणनीति बनाए जाने की ज़रूरत बताई. अब्दुल्ला ने कहा, "आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के तहत उन सब पर चोट की जानी चाहिए जो आतंकवादियों की करतूतों को सही ठहराते हैं या उनकी सहायता करते हैं." मृतकों में ज़्यादातर जॉर्डन निवासी
धमाकों के समय कई लोग एक शादी समारोह में हिस्सा ले रहे थे. जिन तीन होटलों में धमाके हुए वे हैं - ग्रांड हयात, द रैडीसन और डेज़ इन. अभी तक मृतकों में जिनकी शिनाख़्त हुई हैं उनमें जॉर्डन के 33 और इराक़ के 6 व्यक्ति शामिल हैं. चीन और बहरीन के दो-दो व्यक्तियों की मौत हुई है, जबकि धमाकों की चपेट में आकर सऊदी अरब, अमरीका और इंडोनेशिया के एक-एक व्यक्ति ने दम तोड़ा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अल क़ायदा' का जॉर्डन में धमाके करने का दावा10 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना ब्रिटेन ने जाँच में सहायता की पेशकश की10 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉर्डन धमाकों की अंतरराष्ट्रीय निंदा10 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉर्डन में कई धमाकों में 67 की मौत10 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना जॉर्डन में धमाकों की तस्वीरेंपहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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