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दुर्व्यवहार के मामले बर्दाश्त नहीं :अमरीका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले पर अमरीका ने कहा है कि वो ऐसे मामले बर्दाश्त नहीं करेगा. ये बयान बग़दाद में अमरीकी दूतावास के ज़रिए जारी किया गया. इसी हफ़्ते इराक़ के आंतरिक मंत्रालय के एक गुप्त बंदीगृह में 170 क़ैदी पाए गए थे. अमरीका ने ये भी कहा है कि सुरक्षा बलों या सरकारी विभाग में विद्रोहियों को शामिल न होने दें. इससे पहले इराक़ के आंतरिक मंत्री बायन जाबर ने कहा था कि क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले के आरोपों को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया गया है. बायन जाबर ने कहा कि लगता है कि बहुत कम क़ैदियों के साथ बुरा बर्ताव हुआ है. अमरीकी सेना ने इन क़ैदियों को एक हफ़्ते पहले ढूँढा था. माना जा रहा है कि इन क़ैदियों को कथित तौर पर मारा गया और ये कुपोषित भी थे. आंतरिक मंत्री ने कहा, "किसी का सर कलम नहीं किया गया, किसी की मौत नहीं हुई." उन्होंने कहा कि इस मामले में जाँच शुरू हो गई है और दुर्व्यवहार करने वालों को सज़ा मिलेगी. 'ख़तरनाक़ क़ैदी' बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ जाँच शुरू होने के बावजूद मंत्री को ये नहीं मालूम था कि कितने क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है. पहले उन्होंने पाँच की संख्या बताई और बाद में सात. बायन जाबर ने बताया कि बंदीगृह के कुछ क़ैदी संदिग्ध विदेशी चरमपंथी थे और उन्होंने ख़ुद उन्हें वहाँ रखने का अनुरोध किया था क्योंकि वे 'ख़तरनाक़' थे. उन्होंने कहा कि इन जेलों में आपराधिक भूमिका वाले चरमपंथी थे. इससे पहले इराक़ के उप आंतरिक मंत्री ने कहा था कि वो चाहते हैं कि देश की सभी आंतरिक सुरक्षा सेवाओं को उनके मंत्रालय के तहत कर दिया जाए ताकि दुर्व्यवहार के मामले न हों. उप आंतरिक मंत्री ने स्वीकार किया कि इराक़ की सरकार पहले से ही ऐसे मामलों को लेकर आशंकित थी. | इससे जुड़ी ख़बरें बंदियों के साथ दुर्व्यवहार का नया मामला15 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना सैनिकों पर दुर्व्यवहार के मामले दर्ज08 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना सीनेट 'विशेष' सत्र बुलाने को मजबूर 02 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना बग़दाद में आत्मघाती बम हमला, 25 मरे24 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में सुन्नी नेताओं की हत्या19 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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