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सीनेट 'विशेष' सत्र बुलाने को मजबूर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट को एक 'गुप्त सत्र' बुलाने के लिए मजबूर किया है. ये इराक़ युद्ध को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल की गई ख़ुफ़िया जानकारी की रुकी हुई जाँच के विरोध में किया गया है. इससे पहले इस प्रक्रिया का इस्तेमाल 25 साल पहले हुआ था. डेमोक्रेटिक पार्टी रिपब्लिकन पार्टी पर इराक़ युद्ध के मुद्दे की सीनेट की जाँच पूरी न होने देने का आरोप लगाती है. डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि उपराष्ट्रपति डिक चैनी के 'चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़' लुइस लिब्बी के पिछले हफ़्ते, गुप्तचर एजेंसी सीआईए के एक एजंट का नाम सार्वजनिक करने के मामले में, दोषी पाए जाने के कारण ज़रूरी हो गई है. रिपब्लिकन पार्टी ने इसे राष्ट्र के सम्मान पर आघात बताया है लेकिन दोनो पक्ष अब इस जाँच को पूरा करने पर सहमत हो गए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लिब्बी मामले ने अब तक अलग-थलग पड़े डेमोक्रैट सदस्यों को नया आत्मविश्वास दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें चेनी और एडवर्ड्स भी इराक़ मुद्दे पर भिड़े06 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना अमरीकी सैनिकों पर हत्या का मामला05 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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