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इराक़ में 13 लोगों को फाँसी दी गई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चरमपंथी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में इराक़ी अधिकारियों ने 13 लोगों को फाँसी लगा दी है. इराक़ पर अमरीकी हमले के बाद चरमपंथ के आरोप में लोगों को फाँसी देने का इराक़ में ये पहला मामला है. कैबिनेट के एक बयान में कहा गया है, "अधिकारियों ने आज 13 लोगों को फाँसी लगाई." जिन लोगों को फाँसी लगाई गई है, उनमें से सिर्फ़ एक का ही नाम जारी किया गया है. शक़ीर फ़रीद नाम के इस पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि उसने हमले करने के लिए इराक़ी लागों को तैयार किया था. पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने के बाद अमरीकी सैनिक गठबंधन ने फाँसी की सज़ा ख़त्म कर दी थी. लेकिन 2004 में इसे बहाल कर दिया गया था. इराक़ी सरकार चाहती थी कि वो सद्दाम हुसैन को फाँसी की सज़ा देने का विकल्प अपने पास रखे. सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ इराक़ में मुकदमा चल रहा है. नया क़ानून अक्तूबर में इराक़ी राष्ट्रीय एसेंबली ने नया क़ानून पारित किया था. इसके तहत उन लोगों को फाँसी दी जा सकती है जो 'चरमपंथी कार्रवाई करते हैं और वो जो ऐसी गतिविधियाँ की योजना बनाते हैं, वित्तीय मदद देते हैं और चरमपंथियों की अन्य तरीके से मदद' करते हैं. एसेंबली ने ऐसे लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा देने को भी स्वीकृति दी थी जो 'चरमपंथी गतिविधियों के बारे में नहीं बताते या चरमपंथियों को पनाह देते हैं.' इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी फाँसी की सज़ा दिए जाने के ख़िलाफ़ है. पिछले साल क़त्ल के जुर्म में इराक़ में कुछ लोगों को फाँसी दी गई थी. उस समय जलाल तालबानी ने इन लोगों को फाँसी दिए जाने के वारंट पर हस्ताक्षर नहीं किए थे. उन्होंने अपने निचले अधिकारियों को हस्ताक्षर करने के लिए कहा था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'जातीय हिंसा गृह युद्ध में बदल सकती है'07 मार्च, 2006 | पहला पन्ना बग़दाद में गाड़ी में 18 शव मिले08 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में ताज़ा हिंसा में 19 मारे गए03 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ धमाकों में 23 की मौत01 मार्च, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में हिंसा में 130 लोग मारे गए23 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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