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रूस के रुख़ से इसराइल नाराज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के शिक्षा मंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर विश्ववासघात का आरोप लगाया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि वे हमास के नेताओं को मॉस्को आमंत्रित करना चाहते हैं. इसराइल के शिक्षा मंत्री ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन ने ये बयान देकर 'इसराइल की पीठ में छुरा घोंपा है.' इसराइली मंत्री ने कहा कि इसराइल और पश्चिमी देश हमास को चरमपंथी संगठन मानते हैं लेकिन रुस के क़दम से हमास को वैधता मिलती है. पुतिन से सवाल करते हुए इसराइली मंत्री ने कहा कि अगर इसराइल ऐसे प्रतिनिधियों को आमंत्रित करता है जिसे रूस चरपमंथी मानता है तो, पुतिन का रुख़ क्या होगा. रूस चाहता है कि हमास को बातचीत के ज़रिए अपना रवैया बदलने के लिए राज़ी किया जाना चाहिए. रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई इवानोफ़ ने कहा, " हमास निष्पक्ष और स्वतंत्र लोकतांत्रिक चुनाव के ज़रिए सत्ता में आया है. हमास की कुछ विचारधाराओं से रूस समेत कई देश सहमत नहीं हैं. लेकिन मुझे ये भविष्यवाणी करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि जल्दी ही अधिकतर देश हमास के साथ किसी न किसी स्तर पर संपर्क रखना शुरू कर देंगे. " हमास ने पिछले महीने हुए फ़लस्तीनी संसदीय चुनाव में जीत हासिल की है. हमास ने कहा है कि वो बातचीत के लिए मॉस्को आने का निमंत्रण स्वीकार करेगा. पुतिन का बयान ये पूरा विवाद व्लादिमीर पुतिन के उस बयान से उठा है जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिमी देशों और इसराइल के उल्ट, रूस हमास को चरपमंथी संगठन नहीं मानता और वे हमास को बातचीत का न्यौता देंगे. उन्होंने कहा था कि हमास के साथ संपर्क रखने के लिए रूस कोई नहीं शर्त नहीं लगाएगा. इसराइल का कहना है कि जब तक हमास हिंसा नहीं त्यागता और इसराइल को मान्यता नहीं देता तब तक हमास के साथ कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए. फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने जनवरी में हुए चुनाव में शानदार जीत दर्ज की थी. चुनाव में हमास को 132 में से 76 सीटें मिलीं थीं जबकि फ़तह को 43 सीटें ही मिलीं पाई थीं. मध्य पूर्व विवाद को सुलझाने में रुस, अमरीका, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र अहम भूमिका निभाते रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले साल इसराइल का दौरा भी इस बीच दक्षिणी रूस में हुई झड़पों में 12 चरमपंथी और सात पुलिसकर्मी मारे गए हैं. गुरुवार रात को रूस के एक गाँव में सुरक्षाबलों को भेजा गया था जहाँ कुछ सशस्त्र चरमपंथियों ने एक घर में शरण ले रखी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें रूस ने संभाली जी-8 की अध्यक्षता01 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई पर ज़ोर05 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना पुतिन का तीसरे कार्यकाल से इनकार06 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना बेसलान कांड में पुतिन निशाने पर23 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना इसराइल ने पुतिन से आपत्ति जताई28 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना रूस में व्यापक लोकतंत्र की ज़रूरत:बुश24 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना रूस की नई परमाणु हथियार प्रणाली17 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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