|
रूस ने संभाली जी-8 की अध्यक्षता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस साल 2006 में विकसित देशों के संगठन जी-8 की अध्यक्षता संभाल रहा है रूस को पहली बार यह दर्जा हासिल हो रहा है. औद्योगिक देशों के सबसे महत्वपूर्ण संगठन का चेयरमैन बनने पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए मौक़ा होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में रूस की भूमिका को और ज़्यादा अहम बनाएं. लेकिन कुछ आलोचकों का कहना है कि रूस जी-8 संगठन की अध्यक्षता करने के लिए उपयुक्त देश नहीं है. ग़ौरतलब है कि जी-8 में दुनिया के सबसे धनी लोकतांत्रिक देश शामिल हैं. बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न स्वीक का कहना कि रूस अभी दुनिया की अग्रणी आर्थिक ताक़तों में शामिल नहीं है और न ही, जैसाकि कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि रूस अभी सही मायनों में लोकतंत्र भी नहीं है. राष्ट्रपति पुतिन की अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर सख़्तिया बरतने के लिए आलोचना की जाती रही है, साथ ही उन पर मीडिया पर भी अंकुश लगाने का आरोप लगाया जाता है. पुतिन की इस बात को लेकर भी आलोचना की जाती है कि उनकी सेना चेचन्या में मावधिकारों का उल्लंघन करती है और पुतिन उसकी अनदेखी करते हैं. लेकिन इन हालात के बावजूद पुतिन ने एक जनवरी 2006 को जी-8 की अध्यक्षता शुरू की है तो उनके लिए यह मौक़ा होगा कि वे अपने देश की छवि में सुधार कर सकें. वर्ष 2006 में जो मुद्दा छाए रहने की संभावना है वो है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की आपूर्ति. पुतिन चाहेंगे कि जी-8 संगठन के अमरीका, जापान और जर्मनी जैसे देशों की आर्थिक व्यवस्था काफ़ी बड़ी क्यों ना हो लेकिन उन्हें रूस की ज़रूरत तो होगी क्योंकि उसके पास विशाल तेल और गैस भंडार हैं. और जहाँ ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने अपनी अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी विकास को प्रमुखता दी वहीं व्लादिमीर पुतिन कहेंगे कि पूर्व सोवियत देशों में ग़रीबी उन्मूलन को भी बराबर की प्राथमिकता मिलनी चाहिए. लेकिन जी-8 देशों की अध्यक्षता के तौर पर रूस का समय काफ़ी आलोचनाओं का सामना तो करेगा ही क्योंकि कुछ अमरीकी सीनेटरों ने तो यहाँ तक तर्क दिया है कि रूस को विकसित लोकतंत्रों के संगठन का सदस्य ही नहीं बनाया जाना चाहिए था. | इससे जुड़ी ख़बरें रूस ने यूक्रेन को गैस आपूर्ति घटाई01 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना बेस्लान की घटना में पुलिस की 'लापरवाही'28 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना विवादित गैस पाइप लाइन पर काम शुरू09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना चेचन्या में संसद के लिए मतदान ख़त्म27 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई पर ज़ोर05 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना पुतिन का तीसरे कार्यकाल से इनकार06 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना बेसलान कांड में पुतिन निशाने पर23 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||