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रविवार, 01 जनवरी, 2006 को 11:14 GMT तक के समाचार
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रूस ने यूक्रेन को गैस आपूर्ति घटाई
पुतिन और युक्रेन के मंत्री
नेताओं में गैस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं हुई
रूस और यूक्रेन के बीच गैस की कीमतों को लेकर चल रहा विवाद गहरा गया है और इसी विवाद के बीच रूस ने यूक्रेन को गैस की आपूर्ति घटानी शुरू कर दी है.

रूस की सरकारी कंपनी गैज़प्रोम ने रविवार को यूक्रेन को गैस आपूर्ति कम करनी शुरू कर दी है.

दोनों देशों के बीच गैस विवाद को हल करने के लिए समय सीमा रविवार क समाप्त हो गई जिसके बाद गैस की आपूर्ति करने वाले पाइप में दबाव कम करना शुरू कर दिया गया.

गैज़प्रोम कंपनी के एक प्रवक्ता सर्गेई कुप्रियानोव ने कहा कि रूस ने यूक्रेन को एक सौदे की पेशकश की थी लेकिन यूक्रेन के नेताओं ने शुरू से ही टकराव का रास्ता अपनाया है.

उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अब गंभीर आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा.

प्रवक्ता ने कहा कि रूस पश्चिमी, मध्य और दक्षिण पूर्वी यूरोपीय देशों को गैस आपूर्ति जारी रखेगा जो यूक्रेन से होकर जाने वाली पाइप लाइन के ज़रिए ही जाती है.

प्रवक्ता ने यूक्रेन और पड़ोसी देशों को चेतावनी भी दी है कि वे इस पाइप लाइन से गैस की चोरी करने की जुर्रत ना करें.

यूक्रेन अपनी तीस प्रतिशत गैस रूस से आयात करता आया है. लेकिन रूस गैस की कीमत चार गुना बढ़ाना चाहता है जो यूक्रेन को स्वीकार्य नहीं.

यूक्रेन का कहना है कि गैस की बढ़ी क़ीमत अदा करने के लिए तैयार है लेकिन वह राजनीतिक दबाव में नहीं आने वाला है.

यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि रूस के इस क़दम से देश में आम लोगों पर कुछ ख़ास असर नहीं पड़ने वाला है क्योंकि पहले से ही पर्याप्त गैस भंडार है जो सर्दियों के लिए काफ़ी होगा.

पुतिन का प्रस्ताव

रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने संकट के हल के लिए प्रस्ताव रखा था कि उनका देश यूक्रेन को तीन और महीने तक रियायती दर पर ही गैस की आपूर्ति करेगा, बशर्ते यूक्रेन अप्रैल महीने से चार गुना अधिक राशि देने के लिए राज़ी हो जाए.

रूस के प्रस्ताव को यूक्रेन ने स्वीकार नहीं किया

इसके बाद रूसी कंपनी गैज़प्रोम के अनुसार यूक्रेन ने इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया.

यूक्रेन के प्रशासन ने कहा है कि तत्काल कोई संकट नहीं खड़ा होगा क्योंकि सर्दी के महीनों के लिए यूक्रेन के पास पर्याप्त गैस है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टोर यूश्चेंको ने कहा है कि पिछले साल को देखें तो यूक्रेन ने तानाशाही को शिकस्त दी और अब यूक्रेन की आर्थिक आज़ादी के लिए काम करने का समय आ गया है.

'राजनीतिक कारण'

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यूक्रेन में कई लोग ऐसा समझते हैं कि रूस जो भी कर रहा है उसके पीछे राजनीतिक कारण हैं.

संवाददाता के अनुसार लोग मानते हैं कि रूस, यूक्रेन और यूरोप के बीच संबंधों में निकटता के प्रयासों से नाराज़ है.

यूक्रेन हर वर्ष 80 अरब घन मीटर गैस का उपभोग करता है जिसमें से 30 प्रतिशत हिस्सा रूस से आता है.

रूस से भी अधिक यूक्रेन, तुर्कमेनिस्तान से गैस का निर्यात करता है.

यूक्रेन स्वयं जितने गैस का उत्पादन करता है उससे उसकी केवल एक चौथाई ज़रूरत पूरी हो सकती है.

इस बीच एक दूसरी आशंका ये उठ खड़ी हुई है कि अगर यूक्रेन को गैस आपूर्ति बंद हुई तो हो सकता है कि यूरोप के कई देशों को इसका नुक़सान उठाना पड़ सकता है.

रूस पश्चिमी यूरोप के कम से कम एक चौथाई देशों को गैस आपूर्ति करता है और इन सभी देशों तक गैस के पाइप यूक्रेन से ही होकर जाते हैं.

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