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युशचेन्को:वित्तीय दुनिया के महारथी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रविवार, 23 जनवरी 2005 को यूक्रेन के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले विक्टर युशचेन्को वित्तीय दुनिया से राजनीति में आए हैं. वह पेशे से एकाउंटेंट रहे हैं और उन्होंने 1990 के दौर में राष्ट्रपति लियोनिद कूशमा की सरकार के दौरान जो आर्थिक सुधार किए उनके लिए उन्हें पश्चिमी देशों से काफ़ी सराहना मिली. पचास साल के युशचेन्को यूक्रेन के प्रदानमंत्री भी रह चुके हैं, बाद में उन्होंने कूशमा से राजनीतिक संबंध तोड़कर अपनी अलग पार्टी - हमारा यूक्रेन, नाम से बनाई. बहुत से लोग उन्हें पश्चिमी देशों के साथ नए संबंध क़ायम करने वाला ऐसा नेता मानते हैं जिन्हें ऐतिहासिक मौक़ा मिला है. युशचेन्को का जन्म पूर्वोत्तर यूक्रेन के सूमी क्षेत्र में 1954 में हुआ था. यह इलाक़ा रूस की सीमा से मिलता है. युशचेन्को का संबंध कृषि प्रधान और यूक्रेन भाषी क्षेत्र से है. इस लिहाज़ से वह बहुत से नेताओं से भिन्न हैं जिनकी मातृभाषा रूसी रही है. विश्वविद्यालय की डिग्री हासिल करने के बाद युशचेन्को ने वित्त क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया और सोवियत संघ के दौर में यूक्रेन की बैंक व्यवस्था में लगातार आगे बढ़ते गए. 1993 में वह नव स्वाधीन यूक्रेन के राष्ट्रीय बैंक के अध्यक्ष बन गए. स्थिति सुधरी उनके कार्यकाल में यूक्रेन की मुद्रा व्यवस्था में स्थिरता आई. 1998 में जब उन्होंने देश पर रूस के क़र्ज़ प्रभाव को कम किया तो तत्कालीन राष्ट्रपति कूशमा ने उन्हें प्रधानमंत्री बना दिया.
अनेक विश्लेषकों का मानना है कि इस पद पर रखकर कूशमा युशचेन्को को अपने उत्तराधिकारी के के रूप में तैयार कर रहे थे. देश की अर्थव्यवस्था सुधरी, लोगों को वेतन और पेंशन वक़्त पर मिलने लगी, भ्रष्टाचार कम हुआ, उस समय राष्ट्रपति के लिए प्रधानमंत्री की वफ़ादारी पर किसी को शक नहीं था. विपक्ष ने युशचेन्को को अपना नेता बनाने की पेशकश की लेकिन युशचेन्को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति कूशमा के खेमे में ही रहे. लेकिन देशभर में राष्ट्रपति कूशमा की लोकप्रियता के मुक़ाबले युशचेन्को ज़्यादा लोकप्रिय होने लगे तो कूशमा ने उन्हें 2001 में प्रधानमंत्री पद से हटा दिया. इसके बाद को युशचेन्को की विपक्षी नेता बनने की झिझक समाप्त हो गई और वह हमारा यूक्रेन खेमे के नेता बन गए और इस खेमे ने तब हुए संसदीय चुनाव में इतने मत हासिल किए जिनके आधार पर गंभीर चुनौती खड़ी की जा सके. मौजूदा राष्ट्रपति चुनाव में भी युशचेन्को विजेता बनकर उभरे हैं. रूसी टेलीविज़न चैनलों ने उन्हें पश्चिमी देशों के एक एजेंट के रूप में पेश किया तो पूर्व प्रधानमंत्री और सरकारी उम्मीदवार विक्टर यानूकोविच को उनके मुक़ाबिल मज़बूत बनाने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति ने काफ़ी ज़ोर लगाया. |
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