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युशचेन्को ने सरकार को बर्ख़ास्त किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर युशचेन्को ने अपनी सरकार को बर्ख़ास्त कर दिया है. उनके इस क़दम से सत्तारूढ़ गठजोड़ के बिखरने की आशंका बन गई है. उन्होंने पूर्वी प्रांत दिनिप्रोपेत्रोवस्क के गवर्नर और अर्थशास्त्री यूरी येखानुरोफ़ो को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युशचेन्को के क़दम का समर्थन करते हुए कहा है कि यूक्रेन की घटना से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. इससे पहले युशचेन्को ने कहा कि अंदरूनी झगड़े के कारण सरकार अक्षम हो गई थी और इस कराण राष्ट्र की बुनियादी नीतियाँ प्रभावित हो रही थीं. उन्होंने कहा, "बैठकों की अध्यक्षता करते समय मुझे लगने लगा कि हमारे सहयोगी परस्पर भरोसा नहीं करते हैं." ख़बरों के अनुसार प्रधानमंत्री युलिया तिमोशेन्को और रक्षा परिषद के प्रमुख पीट्रो पोरोशेन्को के बीच शुरू से ही तनातनी थी. आरोप-प्रत्यारोपों के बीच पिछले सप्ताह दोनों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. भ्रष्टाचार तिमोशेन्को ने इससे पहले कहा था कि वह सरकार में भ्रष्टाचार की सामूहिक जवाबदेही नहीं लेना चाहतीं. मौजूदा संकट दो मंत्रियों द्वारा सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद शुरू हुआ. उल्लेखनीय है कि जिस ऑरेंज रिवोल्युशन के ज़रिए युशचेन्को सत्ता में आए उसका आधार तत्कालीन राष्ट्रपति लियोनिड कुचमा की सरकार में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लोगों का ग़ुस्सा ही था. दोबारा मतदान कराए जाने के बाद जनवरी में युशचेन्को सत्ता में आए थे. उनकी पार्टी ने दो अन्य प्रमुख पार्टियों के साथ मिल कर सरकार बनाई थी. यूक्रेन में मार्च 2006 में संसदीय चुनाव होने हैं और माना जाता है कि यूलिया तिमोशेन्को की पार्टी और युशचेन्को की पार्टी मुक़ाबले में आमने-सामने होगी. |
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