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युशचेन्को ने की 'विवादित' नियुक्ति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर युशचेन्को अपना पद संभालने के एक दिन बाद ही रूस के दौरे पर हैं लेकिन उन्होंने नए प्रधानमंत्री के रूप में एक विवादित नियुक्ति की है. राष्ट्रपति युशचेन्को ने कट्टर सुधारवादी युलिया तिमोशेन्को को देश का कार्यकारी प्रधानमंत्री नियुक्त किया है. युलिया तिमोशेन्को ने यूक्रेन में आर्थिक भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जम कर अभियान चलाया था. वे व्यापारिक कामकाज में पारदर्शिता की पक्षधर रहीं हैं. राष्ट्रपति का पद संभालने के एक दिन बाद ही युशचेन्को की रूस यात्रा से यही अंदाज़ा लगाया जा रहा था कि वे रूस से अच्छे संबंध रखने का संकेत देना चाहते हैं. विक्टर युशचेन्को को पश्चिमी देशों के क़रीब माना जाता है और इसलिए राष्ट्रपति चुनाव में रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने उनके विरोधी विक्टर यानूकोविच का खुल कर समर्थन किया था. संवाददाताओं का कहना है कि रूस और पूर्वी यूक्रेन में युलिया तिमोशेन्को को संदेह की दृष्टि से देखा जाता है. रूस ने तो घूस के आरोपों में उनके प्रत्यर्पण तक की मांग की थी. बयान हालाँकि रविवार को राष्ट्रपति युशचेन्को ने कहा था कि यूक्रेन का भविष्य यूरोपीय संघ के साथ है.
लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद रूस की पहली यात्रा करके अपना वादा पूरा करने की कोशिश की है जो उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान की थी. युशचेन्को ने कहा कि रूस के साथ बिना किसी देरी के ईमानदारी से बातचीत की ज़रूरत है. हालाँकि युशचेन्को समर्थक रूस के राष्ट्रपति पुतिन के रवैए से नाराज़ हैं क्योंकि दो बार उन्होंने यूक्रेन में आकर यानूकोविच के पक्ष में प्रचार किया था. और तो और पहली बार जब विवादित नतीजों में विक्टर यानूकोविच को विजयी घोषित कर दिया था तो राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें शुभकामना संदेश भी भेज दिया था. लेकिन अब राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद युशचेन्को वे देश के रूसी भाषी पूर्वी हिस्से के लोगों को भी लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. जानकारों का कहना है कि युशचेन्को की रणनीति देश के सबसे बड़े व्यापारियों के साथ अच्छे रिश्ते क़ायम करना है. |
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