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यूक्रेन के सैनिक इराक़ से वापस आएँगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन के निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने इराक़ से अपने देश के सैनिकों को वापस बुलाने का आदेश दिया है. राष्ट्रपति कुचमा के आदेश में कहा गया है कि सैनिकों की वापसी अगले छह महीने के अंदर पूरी हो जानी चाहिए. रविवार को इराक़ में आठ यूक्रेनी उस समय मारे गए थे, जब वे बम को निष्क्रिय करने की कोशिश कर रहे थे. जिसके बाद ही राष्ट्रपति ने सैनिकों की वापसी का आदेश दिया है. रविवार को हुई घटना से पहले इराक़ में कम से कम सात यूक्रेनी सैनिक मारे गए थे. यूक्रेन के इस फ़ैसले से अमरीकी गठबंधन को बड़ा धक्का लगा है क्योंकि गठबंधन सेना में बड़ी संख्या में यूक्रेन के सैनिक शामिल हैं. आपात बैठक रविवार को हुई घटना के बाद यूक्रेन के निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने सरकारी अधिकारियों के साथ आपात बैठक की. कुचमा ने सैनिकों की पूरी तरह वापसी के लिए योजना बनाने का आदेश दिया. इस समय इराक़ में यूक्रेन के क़रीब 1600 सैनिक हैं.
यूक्रेन के सैनिकों की पहला टुकड़ी मार्च के शुरू में इराक़ से रवाना हो पाएगी. इराक़ में रविवार को हुए धमाके में कम से कम आठ यूक्रेनी मारे गए. अंतरराष्ट्रीय शांति अभियानों में यूक्रेन के शामिल होने के बाद इसे सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है. यूक्रेन के रक्षा मंत्री एलेक्ज़ेंडर कुज़मुक ने कहा कि इराक़ की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. यूक्रेन के निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा इस महीने के आख़िर में अपना पद छोड़ने वाले हैं. महीनों तक चले विवाद के बाद पिछले महीने हुए राष्ट्रपति चुनाव में विक्टर युशचेन्को को जीत हासिल हुई थी. लेकिन जानकारों का मानना है कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद सैनिकों को वापस बुलाने की नीति में शायद ही कोई बदलाव हो. चुनाव के पहले युशचेन्को ने भी वादा किया था कि इराक़ से सभी यूक्रेनी सैनिकों को जल्द से जल्द वापस बुला लिया जाएगा. |
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