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यूक्रेन चुनाव का विवाद ख़त्म हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में विक्टर युशचेन्को को विजेता घोषित कर दिया है. ग़ौरतलब है कि पिछले महीने हुए ये चुनाव काफ़ी विवादास्पद रहे हैं. मुक़ाबला प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच और विपक्षी उम्मीदवार विक्टर युशचेन्को के बीच था. 26 दिसंबर को मतदान के बाद विक्टर युशचेन्को की जीत घोषित की गई थी लेकिन प्रधानमंत्री यानूकोविच ने उनकी जीत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. उससे पहले नवंबर में मतदान हुआ था जिसमें विक्टर युशचेन्को के समर्थकों ने आरोप लगाए थे कि सरकारी उम्मीदवार यानूकोविच के समर्थकों ने मतदान में गड़बड़ी की थी जिसके बाद 26 दिसंबर को दोबारा मतदान हुआ था. अब सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद युशचेन्को के इस गद्दी पर बैठने का रास्ता साफ़ हो गया है. यूक्रेन के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अनातोली यरेमा ने युशचेन्को की जीत पर मोहर लगाते हुए कहा, "यह फ़ैसला अंतिम है और इसके ख़िलाफ़ अपील नहीं की जा सकती है." सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के उम्मीद की जा रही है कि वह इसी सप्ताहांत में राष्ट्रपति पद संभाल लेंगे. सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले से युशचेन्को के समर्थकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई जो वहाँ फ़ैसला सुनने के लिए एकत्र थे. एक 25 वर्षीय समर्थक बोहदान याकूब्चिक का कहना था, "अब हमसे कोई भी हमारी जीत छीन नहीं सकता." |
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