| आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई पर ज़ोर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बीच मुलाक़ात ख़त्म हो गई है. दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ने की बात कही. लंदन दौरे पर आए पुतिन पहले विदेशी नेता हैं जिन्होंने भूमिगत नियंत्रण केंद्र यानि कोबरा को देखा. आपातकाल या आतंकवादी हमलों की स्थिति में ब्रितानी सरकार इस केंद्र का इस्तेमाल अपनी बैठक के लिए करती है. ब्रितानी ख़ुफ़िया एजेंसी ने भी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात की. व्लादिमीर पुतिन केजीबी के पूर्व प्रमुख हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये सब इस बात के संकेत हैं कि हाल के दिनों में रूस और ब्रिटेन के बीच संबंध कितने बेहतर हुए हैं. राष्ट्रपति पुतिन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ब्लेयर ने मंगलवार को भी बातचीत की थी. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने यूरोपीय संघ और रूस के साथ संबंधों पर चर्चा की थी. ग़ौरतलब है कि यूरोपीय संघ के अनेक देशों को ज़्यादातर तेल और गैस आपूर्ति रूस से ही मिलती है. पिछली बार क़रीब दो साल पहले पुतिन ने ब्रिटेन का दौरा किया था. रूस ने अपनी सरकार के दो मुखर आलोचकों को सौंपने का आनुरोध किया था लेकिन ब्रिटेन के इनकार करने के बाद दोनों देशों के संबंध कुछ ठंडे ही रहे हैं. इन आलोचकों में एक चेचन अलगाववादी अहमद ज़ख़ायेव भी हैं. |
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