|
पुतिन का तीसरे कार्यकाल से इनकार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस बात से इनकार किया है कि वो राष्ट्रपति के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल सुनिश्चित करने के लिए संविधान में बदलाव करना चाहते हैं. मॉस्को में पत्रकारों से बातचीत में पुतिन ने कहा कि रूस को स्थिरता चाहिए और इसे सुनिश्चित करने सबसे बढ़िया तरीक़ा है संविधान से छेड़छाड़ नहीं करना. उल्लेखनीय है कि पुतिन लगातार कहते रहे हैं 2008 के राष्ट्रपति चुनाव के समय वह सत्ता छोड़ देंगे. रिपोर्टों के अनुसार रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "मेरी योजना 2008 में क्रेमलिन छोड़ने की है, लेकिन रूस छोड़ने की मेरी कोई योजना नहीं है." हालाँकि उनकी घोषणाओं के बावजूद अटकलें लगाई जाती रही हैं कि वो सत्ता में बने रहने का कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे. लोकप्रिय उल्लेखनीय है कि रूस में पुतिन की लोकप्रियता अब भी बनी हुई है. एक ताज़ा सर्वेक्षण के अनुसार 60 फ़ीसदी रूसी चाहते हैं कि पुतिन राष्ट्रपति के रूप में तीसरा कार्यकाल भी शुरू करें. बीबीसी के रूसी मामलों के विश्लेषक स्टीवन एकी के अनुसार पुतिन के राष्ट्रपति रहते देश में जो कुछ भी ग़लत हुआ है उसके लिए आम रूसी उन्हें नहीं बल्कि मंत्रियों और संसद को ज़िम्मेवार ठहराते हैं. हालाँकि पुतिन के कट्टर आलोचकों के अनुसार अपने दूसरे कार्यकाल में वह आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों के अलावा सेना में सुधार के अपने वायदे को पूरा नहीं कर पाए हैं. मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में पुतिन ने इन आरोपों का खंडन किया कि उनके कार्यकाल के दौरान बेहद शक्तिशाली नौकरशाहों की नई पीढ़ी तैयार हो गई है. हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि रूस में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या बनी हुई है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||