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भारत-यूरोपीय संघ सहयोग पर राज़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की भारत यात्रा के दौरान यूरोपीय संघ और भारत के बीच व्यापार और सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. ब्लेयर ने इन सहमतियों को दोनों पक्षों के रिश्तों में एक 'अहम मोड़' बताया. साथ ही भारत ने 43 एयरबस ख़रीदने की घोषणा की है. ये सौदा एक अरब 20 करोड़ पाउंड का है. टोनी ब्लेयर यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हैं और वे भारत का दौरा इसी नाते कर रहे हैं. भारत आने से पहले ब्लेयर चीन के दौरे पर थे. ब्लेयर के साथ यूरोपीय संघ का एक प्रतिनिधिमंडल भी भारत गया है. यूरोपीय संघ के अधिकारियों के भारत दौरे के दौरान ही भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 43 एयरबस ख़रीदने की योजना को हरी झंडी दिए जाने की भी घोषणा की. सहयोग टोनी ब्लेयर ने भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुई सहमति के बाद कहा कि दोनों पक्षों के बीच व्यापार और सुरक्षा संबंधी समझौता काफ़ी समय से लंबित पड़ा था. ब्लेयर ने कहा, "शेष विश्व को भारत के साथ एक सही और बराबरी की भागीदारी करनी होगी ताकि दोनों पक्षों को लाभ हो और वही हो रहा है". ब्लेयर ने कहा कि इससे भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग में बढ़ोत्तरी का रास्ता खुलेगा. वहीं भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा,"सबसे महत्वपूर्ण नतीजा ये निकला कि हमने एक साझा कार्ययोजना को मंज़ूरी दे दी है जिससे भविष्य में होनेवाले सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा." भारत और यूरोपीय संघ के इस शिखर सम्मेलन का नेतृत्व यूरोपीय संघ के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और भारत की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया. दोनों पक्ष आर्थिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय समूह बनाने पर भी राजी हो गए हैं. भारत और यूरोपीय संघ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों, निरस्त्रीकरण और परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर बातचीत किए जाने पर राजी हो गए हैं. इसके पहले टोनी ब्लेयर और शेरी ब्लेयर राजघाट गए जहाँ उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. आर्थिक सहयोग
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार भारत से यूरोपीय संघ को होने वाला निर्यात हर साल 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और यूरोपीय संघ से भारत में आयात हर साल 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है. भारत के कुल निर्यात का 24 प्रतिशत यूरोपीय संघ के देशों को होता है. हालांकि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार में यूरोपीय संघ के देशों का पलड़ा थोड़ा सा भारी है. भारत ने 2004 में यूरोपीय संघ को 16 अरब यूरो का निर्यात किया और यूरोपीय संघ से 17 अरब यूरो मूल्य का आयात किया. प्रवक्ता का कहना था कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में यूरोपीय संघ के देशों का अहम योगदान है. इसमें ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस और इटली प्रमुख हैं. भारत और ब्रिटेन बीबीसी संवाददाता निक ब्रायंट का कहना है कि जहाँ कभी भारतीय नेता यूरोपीय देशों की ओर मदद के लिए देखते थे वहीं यूरोप अब भारत के साथ बराबरी का रिश्ता चाहता है और दोनो पक्ष चाहते हैं कि क़रीबी आर्थिक सहयोग से दोनो देशों को फ़ायदा हो. बुधवार को प्रधानमंत्री ब्लेयर यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष की भूमिका में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की और अब गुरुवार को भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय बातचीत होगी. दोनो देशों के बीच एक साल में दस अरब डॉलर का व्यापार होता है. ब्रिटेन भारत में तीसरा सबसे बड़ा पूँजी निवेश करने वाला देश है. निक ब्रायंट के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री ब्लेयर के साथ यूरोपीय किसानों की दी जाने वाली भारी सब्सिडी या रियायतों की बात करेंगे. भारत का मानना है कि इसकी वजह से भारतीय कृषि उत्पाद यूरोपीय बाज़ारों में नहीं बिक पाते हैं. |
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