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यूरोपीय नेताओं से ब्लेयर का आह्वान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि वैश्वीकरण से भागने के बजाय यूरोपीय संघ के सदस्यों को मिलकर उसका सामना करना चाहिए. टोनी ब्लेयर ब्रसेल्स में यूरोपीय संसद को संबोधित कर रहे थे. उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन जुलाई में संघ की अध्यक्षता संभालेगा. अपने भाषण में प्रधानमंत्री ब्लेयर ने ब्रिटेन की अध्यक्षता में अगले छह महीने का ख़ाका पेश किया. उन्होंने बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि इसके अभाव में बेहतर यूरोप का सपना कभी साकार नहीं होगा. प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि बदलाव के ज़रिए ही यूरोप अपनी शक्ति, अपनी प्रासंगिकता और लोगों का समर्थन फिर से हासिल कर सकेगा. अपने भाषण में उन्होंने ख़ुद को ‘यूरोपीय संघ का समर्थक बताया’ . उन्होंने कहा,"आदर्श केवल बदलावों से ज़िंदा रहते हैं.ठहराव आने से वो ख़त्म हो जाते हैं". सहमति की आवश्यकता इस मौके पर यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष जोसे मनुएल बरोसो ने कहा कि बजट पर असहमति से साबित होता है कि संघ को बचाने के लिए एकमत होने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि अब जब संघ की अध्यक्षता ब्रिटेन के पास जा रही है तो ये उसकी सूझबूझ की परीक्षा की घड़ी है. पिछले हफ़्ते ब्रसेल्स में हुए सम्मेलन में ब्रिटेन ने उसे मिलने वाली आर्थिक रियायतें छोड़ने से इंकार कर दिया था. उसकी मांग थी कि पहले कृषि सब्सिडी के मुद्दे पर सुधार लागू किए जाएं. आग्रह यूरोपीय संसद को अपने संबोधन में टोनी ब्लेयर ने कहा कि ये समय,बदलाव की मांग करने वालों पर, आरोप लगाने का नहीं है. उन्होंने इस बात से इंकार किया कि वो ब्रिटेन की रियायतों पर बात करने के लिए राज़ी नहीं है या फिर वो कृषि सब्सिडी को रातों-रात बदलने की मांग कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा कि अगर इसके लिए 2014 तक का इंतज़ार किया गया तो बहुत देर हो जाएगी. उनका कहना था कि संघ के भविष्य पर चल रहे विवाद को मुक्त बाज़ार और समाजवादी यूरोप के बीच की लड़ाई के तौर पर प्रस्तुत करना ग़लत है. भाषण के बाद हुई चर्चा में समाजवादी नेता मार्टिन शुल्ज़ ने कहा कि प्रधानमंत्री की मांगों को समझौता करने की उनकी तत्परता की परीपेक्ष में देखा जाएगा. वहीं कंज़र्वेटिव सांसद रॉजर हेल्मर ने इस बात पर चिंता जताई कि संघ के संविधान को पूरी तरह छोड़ने के बजाय उसे बाद में विचार करने के लिए रखा गया है. पिछले हफ़्ते यूरोपीय संघ पर बातचीत टूटने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति जॉक शिराक ने ब्रिटेन के रवैये को दयनीय बताया था. लक्ज़मबर्ग के प्रधानमंत्री जॉं क्लॉड युंकर ने भी ब्रिटेन पर संघ के बजट पर सहमत होने की प्रकिया में बाधा डालने का आरोप लगाया था. |
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