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फ़लस्तीनियों की रक़म लौटाएगा इसराइल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने कहा है कि वह फ़लस्तीनियों को उनके टैक्स और सीमा शुल्क की बक़ाया रक़म चुका देगा. इसराइल ने हमास के फ़लस्तीनी चुनाव में जीतने के बाद पिछले सप्ताह इस रक़म की अदायगी पर रोक लगा दी थी. इसराइल ने यह कहते हुए इस रक़म की अदायगी रोक दी थी कि हमास एक चरमपंथी संगठन है जिसका लक्ष्य इसराइल को तबाह करना है. लेकिन अब एक इसराइली मंत्री ने घोषणा की है कि मंत्रिमंडल ने फ़लस्तीनियों को साढ़े चार करोड़ डॉलर की रक़म देने का फ़ैसला किया है क्योंकि "हमास अभी तक सत्ता में नहीं आया है." साथ ही, इसराइल ने स्पष्ट कर दिया है कि यह इस तरह का अंतिम भुगतान है, जब तक हमास पार्टी सत्ता में है कोई भुगतान नहीं किया जाएगा. इसराइल ने यह घोषणा ऐसे समय की है जबकि एक जाँच के बाद बताया गया है कि फ़लस्तीनी अधिकारियों ने करोड़ो डॉलर का या तो गबन कर लिया है या उसका दुरूपयोग किया है. फ़लीस्तीनी एटॉर्नी जनरल अहमद अल मोग़ानी ने यह जानकारी दी है, उन्होंने कहा है कि अब तक इस सिलसिले में 20 फ़लस्तीनियों को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन उनके नामों की घोषणा जाँच पूरी होने के बाद ही की जाएगी. ग़ज़ा में मौजूद बीबीसी संवाददाता एलन जॉन्सटन का कहना है कि आर्थिक घपले फ़तह पार्टी की चुनावी हार का एक प्रमुख कारण थे. 'अब और नहीं' इसराइल के आवास मंत्री ज़ीव बोइम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जैसे ही हमास पार्टी सत्ता ग्रहण करेगी वैसे ही भुगतान रोक दिए जाएँगे. उन्होंने कहा, "हम उन्हें तब तक एक शेकेल (इसराइली मुद्रा) भी नहीं देंगे जब तक हमास सत्ता में है." टैक्स और सीमा शुल्क के पैसे से ही फ़लस्तीनी प्राधिकरण का काम चलता है, फ़लस्तीनी प्रशासन के अधीन काम करने वाले लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों, डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों को इसी रक़म से वेतन दिया जाता रहा है. बीबीसी संवाददाता निक थोर्प का कहना है कि इसराइल और अमरीका चाहते हैं कि आर्थिक दबाव में आकर हमास हिंसा का रास्ता छोड़ने की घोषणा कर दे लेकिन हमास ने दोहराया है कि उसका हथियारबंद संघर्ष जारी रहेगा. इस बीच हमास के नेताओं की एक बैठक ग़ज़ा में आयोजित की गई जिसमें नई सरकार की रूपरेखा पर चर्चा की गई. इससे पहले शनिवार को हमास के नेताओं ने फ़लस्तीनी प्रशासन के शीर्ष नेता महमूद अब्बास से मुलाक़ात की थी जिसके बाद तय किया गया था कि नवनिर्वाचित फ़लस्तीनी संसद की बैठक दो सप्ताह के भीतर बुलाई जानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा पट्टी में निषिद्ध क्षेत्र का आदेश26 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना संसदीय चुनावों में देरी न करें: हमास22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना चुनाव से पहले फ़तह पार्टी में फूट15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'संघर्षविराम आगे नहीं बढ़ाया जाएगा'09 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल सैनिकों का तलाशी अभियान06 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इसराइल में आत्मघाती हमले में पाँच मरे05 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना गज़ा की रफ़ा चौकी होकर आवाजाही शुरू26 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना रफ़ा चौकी पर फ़लस्तीनी नियंत्रण25 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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