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इराक़ के करबला में सामूहिक क़ब्र मिली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में पुलिस का कहना है कि मज़दूरों को शियाओं के पवित्र शहर करबला में पानी के पाइप की खुदाई के दौरान एक सामूहिक क़ब्र मिली है. कहा जा रहा है कि वहाँ कई शव मिले हैं और समझा जा रहा है कि वे उन शिया विद्रोहियों के शव हैं जिन्हें 1991 में तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ हुई शिया बग़ावत के दौरान मार दिया गया था. यह बग़ावत 1991 में ही इराक़ पर हुए पहले हमले के बाद हुई थी. कहा जाता है कि उस बग़ावत को दबाने के प्रयासों के तहत लगभग तीस हज़ार लोगों को मार दिया गया था और उनमें से ज़्यादातर को सामूहिक क़ब्रों में दफ़ना दिया गया था. खुदाई के दौरान वहाँ से जो कपड़े वग़ैरा मिले हैं उनसे पता चलता है कि वहाँ औरतों और बच्चों के भी शव हैं. करबला पुलिस के एक प्रवक्ता अब्दुल रहमान का कहना था, इमाम हुसैन के मक़बरे से लगभग 500 मीटर की दूरी पर एक गड्ढे में कई लोगों के शव बरामद हुए हैं. शिया श्रद्धालु पैग़ंबर हज़रत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की याद में साल में दो बार करबला की ज़ियारत करते हैं. अप्रैल 2003 में सद्दाम हुसैन का शासन समाप्त होने के बाद से अनेक सामूहिक क़ब्रगाहों का पता चला है और ये ख़ासतौर से शिया और कुर्द बहुल इलाक़ों में थीं. ग़ौरतलब है कि सद्दाम हुसैन और उनकी सरकार के सात अन्य अधिकारियों पर मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोपों में इस वक़्त बग़दाद में मुक़दमा चल रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में हिंसा, 21 लोगों की मौत26 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में विद्रोही-पुलिस मुठभेड़26 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सैनिकों की संख्या में कटौती होगी23 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'सद्दाम की पिटाई के कोई सबूत नहीं'22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना बुश प्रशासन पर झूठ बोलने का आरोप22 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना अमरीकी हिरासत में प्रताड़ित किया गया:सद्दाम21 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना सद्दाम दौर के कई अधिकारी रिहा19 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'ग़लती से छोड़ दिया ज़रक़ावी को'16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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