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सवालों के बीच मर्केल-राइस मुलाक़ात | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि पश्चिमी देश आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए जो तरीक़े अपनाएँ वे अंतरराष्ट्रीय क़ानून के दायरे में होने चाहिए. एंकेला मर्केल ने अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस से बर्लिन में मुलाक़ात के बाद पत्रकार सम्मेलन में यह बात कही. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस यूरोपीय देशों की यात्रा के क्रम में जर्मनी पहुँचीं और उन्होंने ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए पर लगे गंभीर आरोपों के बीच जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल से मुलाक़ात की. अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए पर आरोप हैं कि उसके गुप्त विमान जर्मनी में या तो उतरे या फिर उन्होंने जर्मनी के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया. जर्मनी की सरकार का कहना है कि उसके पास ऐसे 400 से ज़्यादा उड़ानों का विवरण है और वह इस पर स्पष्टीकरण चाहती है. हालाँकि जर्मनी का आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय इन आरोपों की भी जाँच कर रहा है कि जर्मनी के अधिकारियों को इन विमानों की जानकारी थी. एंगेला मर्केल और राइस ने इस मुद्दे पर भी बातचीत की है. मर्केल ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि पश्चिमी देश आतंकवादी ख़तरों का मुक़ाबला करने के लिए जो साधन अपनाएँ वे अंतरराष्ट्रीय क़ानून के दायरे में हों. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ख़ुफ़िया एजेंसियों को अपना काम करने में सक्षम होना चाहिए. जवाब में डॉक्टर कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमरीकी अधिकारियों को अमरीकी क़ानून के दायरे में रहकर ही काम करना चाहिए और देश की अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारियों को भी निभाना चाहिए. राइस ने यह बात फिर दोहराई कि अमरीका बंदियों की न तो प्रताड़ना करता है और न ही ऐसे तरीक़ों को नज़रअंदाज़ करता है. इन दोनों नेताओं ने अफ़ग़ानिस्तान और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने देशों की भागीदारी पर भी बातचीत की. मर्केल ने इस मुलाक़ात को दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों की शुरूवात के लिए बहुत अच्छा मौक़ा बताया है. अमरीका और जर्मनी के बीच संबंधों में पूर्व चांसलर गैरहर्ड श्रोएडर के समय में उस वक़्त तनाव पैदा हो गया था जब जर्मनी ने इराक़ पर अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के हमले का ज़ोरदार विरोध किया था. विवाद वाशिंगटन से रवाना होने से पहले राइस ने ज़ोर देकर कहा कि अमरीका ने आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदिग्ध अभियुक्तों के साथ किन्ही भी हालात में प्रताड़ना का न तो इजाज़त दी और न ही ऐसे मामलों को सहन किया जा सकता है.
अलबत्ता राइस ने यूरोप के कुछ देशों में सीआईए की कुछ गुप्त जेल होने की ख़बरों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया. जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने हाल ही में सत्ता संभाली है और वह अमरीका के साथ बेहतर रिश्ते चाहती हैं और आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध को महत्वपूर्ण भी बताती हैं. लेकिन सीआईए के गुप्त विमानों की उड़ान और इन विमानों में संदिग्ध चरमपंथियों को ले जाने के आरोपों के कारण इस पर विवाद की छाया मँडराने लगी है. जर्मन सरकार का कहना है कि उसके पास ऐसे उड़ानों का ब्यौरा है और उसे उम्मीद है कि इस पर स्पष्टीकरण मिलेगा. रिपोर्ट इस बीच मीडिया में छपी एक और ख़बर से अमरीका और जर्मनी के रिश्तों पर असर पड़ सकता है. मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पिछले वर्ष गृह मंत्री ओट्टो शीली को अमरीका ने ही हटवाया था. और मामला था एक जर्मन नागरिक का, जो मेसीडोनिया में पकड़ा गया था और फिर उसे अफ़ग़ानिस्तान ले जाया गया था. जहाँ उसे पाँच महीने तक रखा गया था. शीली ने अभी तक इस मामले पर कुछ नहीं कहा है जबकि मंत्रालय का कहना है कि वह इसकी जाँच कर रहा है. दूसरी ओर वॉशिंगटन से रवाना होते समय अमरीकी विदेश मंत्री राइस ने स्वीकार किया कि संदिग्ध चरमपंथियों को पूछताछ के लिए बाहर ले जाया जाता है लेकिन उन्हें प्रताड़ित नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों को एक ख़ास प्रक्रिया के तहत विमानों से ले जाया जाता है जो क़ानूनी है. विदेश मंत्री ने ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के विदेशों में गुप्त हिरासत केंद्र पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि यूरोपीय देशों की यात्रा के क्रम में राइस को बार-बार इन सवालों का सामना करना पड़ेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें राइस का यंत्रणा के आरोपों से इनकार05 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'सीआईए के विमान जर्मनी में उतरे'04 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'सीआईए पर मुक़दमा करेगा एक संगठन'03 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'पूर्ण विजय के अलावा कुछ मंज़ूर नहीं'30 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'सीआईए की गुप्त जेलों, उड़ानों की जाँच'29 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'बुश की हत्या की साज़िश का दोषी'23 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना हिरासत केंद्र पर अमरीका से स्पष्टीकरण23 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना 'सीआईए संचालित जेलों' के मामले में जाँच09 नवंबर, 2005 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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