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'सिगरेट पीने वालों को नौकरी नहीं मिलेगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषणा की है कि वह सिगरेट पीने वाले या तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले लोगों को नौकरियाँ नहीं देगा. यह नियम गुरूवार से लागू हो गया है, इसके तहत नौकरी के लिए आवेदन देने वाले व्यक्ति को बताना होगा कि वह सिगरेट या तंबाकू का सेवन नहीं करता है. इसमें तंबाकू चबाने वाले और नसवार सूँघने वाले लोग भी शामिल हैं. संगठन का कहना है कि वह दुनिया भर में तंबाकू से सेहत पर पड़ने वाले नुक़सान का प्रचार कर रहा है ऐसे में उसके कर्मचारी ही इस बात न मानें यह ठीक नहीं है. संगठन का कहना है कि तंबाकू का इस्तेमाल करने वाले मौजूदा कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा लेकिन उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे इस आदत को छोड़ दें. स्विट्ज़रलैंड में जिनेवा स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्यालय में लगभग 2400 लोग काम करते हैं. कर्मचारियों के बीच बाँटी गई चिट्ठी में कहा गया है संगठन 'तंबाकू की महामारी' के ख़िलाफ़ अपनी मुहिम को अपनी इमारत के अंदर भी चलाना चाहता है. तय किया गया है कि आगे से विश्व स्वास्थ्य संगठन की नौकरियों के विज्ञापन में लिखा होगा--"संगठन में धूम्रमुक्त वातावरण है और हम तंबाकू का इस्तेमाल करने वालों को नौकरी पर नहीं रखते." विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता इयन सिंपसन ने कहा, "यह हमारे लिए सिद्धांत का मामला है." | इससे जुड़ी ख़बरें महकती साँसों का राज़, एक बैक्टीरिया के पास28 जुलाई, 2005 | विज्ञान धूम्रपान दृश्यों पर 2 अक्टूबर से प्रतिबंध15 जून, 2005 | भारत और पड़ोस मोटापा और धूम्रपान से जल्दी होंगे बूढ़े14 जून, 2005 | विज्ञान पर्दे पर नहीं उठेगा तंबाकू का धुआँ03 जून, 2005 | भारत और पड़ोस फ़िल्मों में धूम्रपान पर प्रतिबंध01 जून, 2005 | भारत और पड़ोस धूम्रपान पर ऐतिहासिक समझौता27 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना क्यूबा में धूम्रपान पर रोक लगी07 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना इटली में धूम्रपान पर पाबंदी से नाराज़गी12 जनवरी, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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