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बर्ड फ़्लू का प्रसार रोकेंगे यूरोपीय देश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूरोपीय संघ के देश बर्ड फ़्लू के प्रसार को यूरोपीय देशों में फैलने से रोकने के लिए क़दम उठाने पर सहमत हो गए हैं. ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के पशुपालन अधिकारियों की बैठक में यह फ़ैसला हुआ. यूरोपीय देशों के अधिकारियों का कहना है कि यूरोपीय देशों में लोगों में बर्ड फ़्लू के वायरस फैलने का उतना ख़तरा नहीं जितना एशियाई देशों में हैं. तुर्की में बर्ड फ़्लू के ख़तरनाक वायरस का पता चलने के बाद यह आपात बैठक बुलाई गई थी. बैठक में अधिकारियों ने उन तीन क्षेत्रों की ओर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत बताई, जिनमें यूरोपीय देश बर्ड फ़्लू के ख़तरे के प्रति अपने को और सुरक्षित बना सकते हैं. बैठक में यह भी तय हुआ कि यूरोपीय सरकार ख़तरे की पहचान के लिए नए पैमाने बनाएँ. इनमें उन स्थानों की पहचान करना शामिल है जहाँ प्रवासी पक्षी इकट्ठा होते हैं या फिर ऐसे फ़ॉर्म जहाँ पक्षियों को खुली हवा में रखा जाता है. सूचना बैठक में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि पक्षियों के अंडे देने की क्षमता में कमी या पक्षियों में मृत्यु दर बढ़ने पर किसान अधिकारियों को तुरंत सूचित करें. बैठक में सदस्य देशों से यह भी अपील की गई कि वे यह सुनिश्चित करें कि जंगली पक्षियों और पालतू पक्षियों में अंतर करने वाले क़दम उठाए जाएँ. सदस्य देश इस संबंध में उठाए गए क़दमों के बारे में यूरोपीय आयोग को सूचित करेंगे. गुरूवार को पुष्टि की गई थी कि तुर्की में जो विषाणु पाया गया था वह ख़तरनाक एच5एन1 है और इसी विषाणु से एशिया में साठ लोगों की मौत हो चुकी है. रोमानिया में भी एक वायरस पाया गया है लेकिन उसका परीक्षण किया जा रहा है कि कहीं वह भी तो एच5एन1 वायरस तो नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने कहा है कि इस बात की बहुत संभावना है कि रोमानिया में पाया गया वायरस भी यही होगा. यूरोपीय संघ ने तुर्की और रोमानिया से पक्षियों का आयात बंद कर दिया है. तुर्की के उत्तरी हिस्से - किज़िक्सा में मरे हुए पक्षियों पर किए गए परीक्षण से पता चला है कि उनमें एच5एन1 वायरस था जिसके बाद यह चेतावनी जारी की गई है. |
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