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इराक़ में आत्मघाती हमला, 30 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में पुलिस का कहना है कि उत्तरी शहर तलाफ़ार शहर में लगातार दूसरे दिन हुए आत्मघाती हमले में कम से कम तीस लोग मारे गए हैं. मंगलवार को भी तलाफ़ार के एक व्यस्त बाज़ार में एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी. बुधवार का हमला एक सैनिक भर्ती केंद्र के बाहर हुआ और विस्फोट के समय बहुत से युवक भर्ती के लिए इकट्ठा थे. तलाफ़ार सीरियाई सीमा से करीब 150 किलोमीटर दूर है और विद्रोहियों का गढ़ माना जाता है. तलाफ़र में अमरीकी और इराक़ी सेनाओं ने अगस्त में एक बड़ा अभियान चलाया था. ग़ौरतलब है कि इराक़ के नए संविधान के मसौदे पर शनिवार को जनमतसंग्रह होना है जिसे देखते हुए विद्रोही हिंसा में तेज़ी आई है. 28 सिंतबर को एक महिला आत्मघाती हमलावर ने तलाफ़र में सेना के एक केंद्र पर हमला किया था जिसमें छह लोग मारे गए थे. वहीं उत्तरी बग़दाद में सेना के नाके पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम सात लोग मारे गए. पुलिस ने बताया कि मरनेवालों में ज़्यादातर इराक़ी सैनिक थे. पुलिस ने बताया है कि बग़दाद में मंगलवार को आठ अन्य विस्फोट हुए हैं जिसमें पाँच लोगों के मारे जाने की ख़बर है. पिछले महीने विद्रोहियों को खदेड़ने के लिए अमरीकी और इराक़ी सेना ने तलाफ़ार में अभियान चलाया था. अधिरकारियों के दावे के विपरीत ज़्यादातर विद्रोही भागने में सफल रहे हैं. मंगलवार को हुए धमाके इराक़ में होने वाले जनमतसंग्रह के चार दिन पहले हुए हैं. इराक़ में संविधान पर जनमतसंग्रह होना है. |
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