| इराक़ी गृह मंत्री सऊदी अरब पर बरसे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के गृह मंत्री ने देश के शिया बहुल इलाक़ों में ईरान के प्रभाव की बात करने के लिए सऊदी अरब की आलोचना की है. इराक़ी गृह मंत्री बायन जाबर ने कहा कि इराक़ एक स्वतंत्र राष्ट्र है और वो किसी विदेशी ताक़त के कहने पर नहीं चलेगा. उन्होंने सऊदी अरब के शासकों की कथित तानाशाही प्रवृति की भी बात उठाई. जाबर का बयान सऊदी विदेश मंत्री सऊद अल-फ़ैसल की उस टिप्पणी पर आई है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि शिया बहुल ईरान इराक़ की स्थिति का फ़ायदा उठाते हुए वहाँ अपना प्रभाव बढ़ा रहा है. फ़ैसल ने पिछले महीने वाशिंग्टन में यह टिप्पणी की थी. इस टिप्पणी से तिलमिलाए जाबर ने कहा, "हम इराक़ी हैं और अपनी समस्याओं को हल करना जानते हैं. हम किसी को भी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देंगे." इराक़ी संसद में एक शिया धार्मिक पार्टी के प्रतिनिधि जाबर ने कहा, "इराक़ सभ्यता का उदगम रहा है जिसने कि मानवता को पढ़ना-लिखना सिखाया, और हमें ऊँट पर चलने वाला बद्दूँ सीख देने चला है." जाबर ने सऊदी अरब में महलिओं और अल्पसंख्यक शियाओं को दूसरे दर्ज़े का नागरिक बना कर रखे जाने का भी आरोप लगाया. इराक़ी विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने विवाद को शांत करने के लिए कहा है कि जाबर का बयान उनकी व्यक्तिगत सोच है, न कि सरकारी नीति. |
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