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चरमपंथियों के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में कथित तौर पर अल-क़ायदा से जुड़े चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एक बड़े अभियान में एक हज़ार से ज़्यादा अमरीकी सैनिक भाग ले रहे हैं. अमरीकी सैनिक अभियान पश्चिमी इराक़ मे सीरिया सीमा से लगे इलाक़े में शुरू किया गया है. अमरीकी सैनिक सूत्रों के अनुसार अनबार प्रांत के सदाह शहर में चरमपंथियों के संदिग्ध ठिकानों पर हमलों में हेलीकॉप्टरों का उपयोग किया गया. इसके बाद अमरीकी सैनिकों ने ज़मीनी हमला किया है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन आयरन फ़िस्ट नामक ताज़ा अभियान का उद्देश्य है घुसपैठ को रोकना और चरमपंथियों के ठिकाने को ध्वस्त करना. इस बीच अमरीकी सेना ने अबू ग़रेब जेल से 500 और क़ैदियों को रिहा कर दिया है. दस लोगों की मौत पश्चिमी इराक़ से स्थानीय डॉक्टरों ने बीबीसी को बताया है कि शनिवार को शुरू अमरीकी सैनिक अभियान में कम से कम 10 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है.
मारे गए इन लोगों में तीन बच्चे शामिल बताए जाते हैं. इन लोगों की मौत ऐसे समय हुई जब इलाक़े से पलायन कर रहे लोगों की दो गाड़ियाँ गोलाबारी की चपेट में आ गईं. सीरिया सीमा से ही लगे तल आफ़र में कार्रवाई के बाद यह इराक़ में अमरीकी सेना का पहला बड़ा अभियान है. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता कैरोलीन हॉली के अनुसार अमरीका के हाल के आक्रामक अभियानों के बावजूद इराक़ में चरमपंथी हिंसा में कमी के कोई संकेत नहीं हैं. पिछले दो दिनों में चरमपंथी हिंसा में इराक़ में कम से कम 105 लोग मारे गए हैं. अगले 15 अक्तूबर को प्रस्तावित जनमत संग्रह से पहले हिंसा में तेज़ी देखी गई है. |
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