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इराक़ी शहर बलाड में धमाके, 95 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के शिया बहुल शहर बलाद में गुरूवार को हुए तीन कार बम धमाकों में मरनेवालों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है. बलाद में अस्पतालों के प्रमुख ने बीबीसी को बताया है कि 100 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं. बलाद इराक़ की राजधानी बग़दाद से 80 किलोमीटर उत्तर में स्थित है. तीनों धमाके लगभग एक ही समय पर हुए. एक स्थानीय डॉक्टर ने बताया कि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हैं और कई बुरी तरह जल गए हैं. इराक़ी पुलिस का कहना है कि ये आत्मघाती हमले एक व्यस्त सब्ज़ी मंडी, एक बैंक और एक पुलिस स्टेशन के पास हुए. ये सभी शिया बहुल इलाक़े हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस हमले का मक़सद ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को मारना था. उधर रमादी शहर में हुए बम धमाके में पाँच अमरीकी सैनिक मारे गए. रमादी सुन्नी बहुल इलाक़ा है और यहाँ विद्रोही काफ़ी सक्रिय हैं. ये विद्रोही इराक़ी और अमरीकी सेना पर अकसर हमले करते रहते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले पाँच दिनों में इराक़ में 13 अमरीकी सैनिक मारे जा चुके हैं. ढाई साल पहले इराक़ पर हुए अमरीकी हमले के बाद से अब तक क़रीब 2000 अमरीकी सैनिकों की मौत हो चुकी है. उधर वाशिंग्टन में एक कमेटी के सामने बयान देते हुए जनरल जॉर्ज कासे ने कहा है कि अगर इराक़ में अगले महीने होने वाले जनमतसंग्रह में इराक़ी संविधान को नकार दिया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं. |
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